कर्क राशि में गुरु अस्त का क्या मतलब होता है?

पाराशरी ज्योतिष के अनुसार जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास आ जाता है, तो वह अस्त हो जाता है। इस समय ग्रह अपनी पूर्ण शक्ति से कार्य नहीं कर पाता। गुरु ग्रह ज्ञान, शिक्षा, मार्गदर्शन, धर्म, समृद्धि और अच्छे मूल्यों का कारक है। सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व और अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है। 15 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक गुरु कर्क राशि में अस्त रहेंगे। कर्क राशि में गुरु मजबूत माने जाते हैं, लेकिन सूर्य के पास होने के कारण इनके शुभ प्रभाव कुछ कमजोर हो सकते हैं। इस दौरान निर्णय लेने में भ्रम या स्पष्टता की कमी हो सकती है। इसलिए शिक्षा, करियर, धन, परिवार या बड़े निर्णय सोच-समझकर लेना जरूरी होगा। अनुभवी लोगों की सलाह लेना लाभकारी रहेगा। यह समय आत्म-विश्लेषण, ज्ञान बढ़ाने और योजनाओं को सुधारने के लिए अच्छा हो सकता है।

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बृहस्पति का कर्क में गोचर 2026 : समय और प्रभाव

गुरु ग्रह ज्ञान, उच्च शिक्षा, गुरुजन, नैतिकता, समृद्धि, संतान, मार्गदर्शन और दीर्घकालीन विकास का प्रतिनिधित्व करता है।

15 जुलाई 2026 को रात 07:59 बजे गुरु कर्क राशि में अस्त हो जाएंगे और यह स्थिति 12 अगस्त 2026 को सुबह 05:03 बजे तक बनी रहेगी।

इस अवधि में लोग अक्सर भावनाओं के आधार पर निर्णय लेने लगते हैं, जबकि व्यावहारिक सोच की आवश्यकता होती है। इस समय शिक्षा, करियर, व्यापार, धन, कानूनी मामलों और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जुड़े महत्वपूर्ण अवसर सामने आ सकते हैं, इसलिए किसी भी निर्णय को लेने से पहले पूरी तरह से जांच-परख करना जरूरी होगा। इस दौरान बड़े कदम उठाने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति, गुरु या बड़े-बुजुर्गों की सलाह लेना लाभकारी रहेगा। यह समय आत्म-सीख, कौशल सुधार, परिवार के मूल्यों को मजबूत करने और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर ध्यान देने के लिए भी अच्छा माना जा सकता है। धैर्य और संतुलित सोच अपनाने से इस समय गुरु के सकारात्मक गुणों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इस अस्त का मुख्य संदेश यही है कि ज्ञान के साथ धैर्य और समझदारी के साथ सही समय पर सही निर्णय लेना चाहिए।

बृहस्पति का कर्क में गोचर 2026: राशि अनुसार भविष्यवाणी और पाराशरी उपाय

मेष राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके चौथे भाव में रहेंगे, जो घर, परिवार, संपत्ति, सुख-सुविधा और मन की शांति से जुड़ा होता है। इस समय आपको पारिवारिक मामलों पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है। बड़े-बुजुर्गों, शिक्षकों या किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह को ध्यान से सुनना और समझना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। अगर आप घर, जमीन या गाड़ी खरीदने या बेचने का सोच रहे हैं, तो उससे जुड़े सभी कागज़ और जरूरी जानकारी अच्छे से जांच लें। कामकाज के मामले में धैर्य रखना और सोच-समझकर फैसले लेना आपके काम को आसानी से आगे बढ़ाएगा। बिजनेस करने वाले लोगों को नए समझौते करने से पहले सभी दस्तावेज अच्छे से देख लेने चाहिए। यह समय बातचीत और सीखने के लिए भी अच्छा है, इसलिए अपनी बात साफ और विनम्र तरीके से रखना आपके रिश्तों को बेहतर बनाएगा। पैसों के मामलों में समझदारी से खर्च करने और सही प्लानिंग से स्थिति सुधर सकती है। परिवार या संपत्ति से जुड़े बड़े फैसले जल्दबाजी में न लें।

पाराशरी उपाय: गुरुवार को सूर्य को हल्दी मिला हुआ दूध अर्पित करें, “ॐ गुरवे नमः” का 108 बार जप करें, बुजुर्ग महिलाओं और शिक्षकों की सेवा करें और घर में शांति बनाए रखें।

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वृषभ राशि
गुरु के अस्त के दौरान गुरु आपके तीसरे भाव में रहेंगे, जो साहस, बातचीत, कौशल, मेहनत, छोटी यात्राओं और भाई-बहनों से जुड़ा होता है। इस समय आपको अपनी बात बोलते समय या कोई महत्वपूर्ण विचार साझा करते समय थोड़ा अधिक सावधान रहने की जरूरत होगी। बुध ग्रह इस समय संवाद और सीखने में मदद करता है, इसलिए कोई भी मैसेज, ईमेल या जरूरी दस्तावेज भेजने से पहले उसे ध्यान से जांच लेना फायदेमंद रहेगा।

कामकाज के क्षेत्र में आपकी मेहनत के परिणाम थोड़ा देर से मिल सकते हैं। जो लोग टीचिंग, कंसल्टिंग, लेखन, मीडिया, सेल्स या कम्युनिकेशन से जुड़े काम करते हैं, उनके लिए यह समय अपनी बात साफ तरीके से रखने का है। लेकिन इस समय बिना पूरी तैयारी के किसी को कोई वादा करने से बचना चाहिए। परिवार में खासकर भाई-बहनों और करीबी लोगों से बातचीत करते समय विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। पैसों से जुड़े मामलों में धीरे-धीरे और नियमित प्रयास से सुधार हो सकता है। यह समय अपने कौशल को सुधारने और कुछ नया सीखने के लिए भी अच्छा है। अगर आप नम्रता और धैर्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तो इस समय का बेहतर उपयोग कर पाएंगे।

पाराशरी उपाय: गुरुवार को गाय को पीला चारा खिलाएं, “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जप करें, कोई भी महत्वपूर्ण संदेश भेजने से पहले दोबारा जांचें और भाई-बहनों, सहकर्मियों और बड़ों के साथ विनम्र व्यवहार रखें।

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मिथुन राशि
गुरु के अस्त के दौरान गुरु आपके दूसरे भाव में रहेंगे, जो धन, बचत, परिवार, बोलचाल और जीवन मूल्यों से जुड़ा होता है। इस समय पैसों से जुड़े मामलों को सही योजना के साथ संभालना जरूरी रहेगा। बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा निवेश या आर्थिक फैसला लेने से बचें। हर बात को अच्छे से जांचकर ही आगे बढ़ें। बुध ग्रह इस समय बातचीत और व्यावहारिक सोच में मदद करता है, इसलिए घर और काम दोनों जगह साफ और विनम्र भाषा का उपयोग करने से रिश्ते अच्छे बने रहेंगे। करियर के क्षेत्र में जो लोग फाइनेंस, बिजनेस, शिक्षा, कंसल्टिंग, सेल्स या कम्युनिकेशन से जुड़े हैं, उन्हें किसी भी बड़े फैसले से पहले अपने प्लान दोबारा जरूर देख लेने चाहिए। परिवार में पैसों या जिम्मेदारियों से जुड़ी बातचीत को धैर्य और समझदारी से संभालें। बड़े-बुजुर्गों की सलाह सुनना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। यह समय बचत की आदत सुधारने और पैसों को समझदारी से मैनेज करने के लिए अच्छा है। शांत रहकर और सही प्लानिंग के साथ आप इस समय का अच्छा उपयोग कर सकते हैं।

पाराशरी उपाय: गुरुवार को चने की दाल या पीली मिठाई दान करें। कोई भी आर्थिक फैसला लेने से पहले गुरु मंत्र का जप करें। सप्ताह में एक बार वाणी पर नियंत्रण रखें और परिवार के बड़ों की सलाह का सम्मान करें।

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कर्क राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके पहले भाव में रहेंगे, जो आपकी व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और जीवन के प्रति आपकी सोच से जुड़ा होता है। इस समय आपको किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले थोड़ा ज्यादा सोच-विचार करने की जरूरत पड़ सकती है। शिक्षक, गुरु, मेंटर या परिवार के किसी सदस्य की सलाह को सुनना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। कामकाज में धैर्य रखना और सही योजना बनाकर काम करना आपकी जिम्मेदारियों को आसानी से पूरा करने में मदद करेगा। जो लोग शिक्षा, मैनेजमेंट, कंसल्टिंग, बिजनेस या नेतृत्व से जुड़े हैं, उन्हें किसी भी बड़े फैसले से पहले अपने प्लान को दोबारा देख लेना चाहिए। बुध ग्रह इस समय संवाद और सीखने में मदद करता है, इसलिए अपनी बात साफ तरीके से रखना और दूसरों की बात ध्यान से सुनना आपके रिश्तों को बेहतर बनाएगा। परिवार में बड़ों का सम्मान करने और अनावश्यक बहस से बचने पर माहौल शांत बना रहेगा। यह समय ज्ञान बढ़ाने और अपने जीवन मूल्यों को मजबूत करने के लिए भी अच्छा है। अपनी दिनचर्या को संतुलित रखना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना आपके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति के लिए लाभकारी रहेगा।

पाराशरी उपाय: सुबह सूर्योदय पर सूर्य को जल अर्पित करें और शांत मन से प्रार्थना करें। रोज अपने गुरु, शिक्षक या पिता समान व्यक्तियों को प्रणाम करें। गुरु गायत्री मंत्र का जप करें और दूसरों पर अपनी राय थोपने से बचें।

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सिंह राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके बारहवें भाव में रहेंगे, जो आध्यात्मिक विकास, विदेश से जुड़े कार्य, खर्च, दान और आराम से जुड़ा होता है। इस समय अपने खर्चों की अच्छी तरह योजना बनाना जरूरी रहेगा और बिना सोच-समझे पैसा खर्च करने से बचना चाहिए। अगर आप आध्यात्मिक कार्यों में रुचि रखते हैं, तो किसी भरोसेमंद मार्गदर्शन के साथ ही आगे बढ़ें और किसी भी बड़े संकल्प को लेने से पहले व्यावहारिक रूप से सोचें। कामकाज के क्षेत्र में अपने कार्यों को ध्यान से जांचना और सही योजना बनाना बेहतर परिणाम देने में मदद करेगा। जो लोग विदेशी कंपनियों, रिसर्च, शिक्षा, अस्पताल या दान-पुण्य से जुड़े काम करते हैं, उनके लिए यह समय व्यवस्थित रहने का है। बुध ग्रह इस समय सीखने और संवाद में मदद करता है, इसलिए दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना और अपनी बात साफ तरीके से रखना किसी भी गलती से बचाएगा। परिवार के साथ समय बिताने और खुलकर बातचीत करने से घर का माहौल शांत और अच्छा रहेगा। यह समय खुद को सुधारने, नई चीजें सीखने और अच्छी आदतें बनाने के लिए भी उपयुक्त है।

पाराशरी उपाय: गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, नियमित रूप से मंत्र जप करें, बिना दिखावे के दान करें और आध्यात्मिक कार्यों में अनावश्यक खर्च से बचें।

एस्ट्रो अरुण पंडित के मार्गदर्शन द्वारा सिंह लग्न साइन कैलकुलेटर के लिए की जाने वाली पूजा से जुड़े। है।

कन्या राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे, जो आय, लाभ, मित्रता, सामाजिक संबंध, बड़े लक्ष्य और उपलब्धियों से जुड़ा होता है। इस समय आपको अपने काम के परिणाम मिलने में थोड़ी देरी हो सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखना और लगातार प्रयास करते रहना जरूरी रहेगा। कामकाज में कोई भी नया प्रोजेक्ट शुरू करने या बड़े व्यापारिक निर्णय लेने से पहले अपनी योजनाओं को अच्छे से जांच लेना बेहतर होगा। जो लोग बिजनेस, शिक्षा, कंसल्टिंग, मैनेजमेंट या कम्युनिकेशन से जुड़े हैं, उन्हें किसी भी सलाह या वादे से पहले हर छोटी-बड़ी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। बुध ग्रह, जो आपका स्वामी ग्रह भी है, इस समय सीखने, योजना बनाने और संवाद में मदद करता है। इसलिए साफ और व्यावहारिक तरीके से बात करना आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। परिवार और शुभचिंतकों की सलाह आपके लिए उपयोगी हो सकती है, इसलिए खुले मन से उनकी बात सुनना अच्छा रहेगा। यह समय अपने आर्थिक प्लान को दोबारा देखने और अपने लंबे समय के लक्ष्यों को थोड़ा लचीला रखने के लिए भी उपयुक्त है।

पाराशरी उपाय: जब भी संभव हो, विद्यार्थियों, शिक्षकों या काउंसलरों की मदद करें। नियमित रूप से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करें। किसी एक ही समूह की राय पर पूरी तरह निर्भर न रहें और अपने लंबे समय के लक्ष्यों को लचीला रखें।

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तुला राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके दसवें भाव में रहेंगे, जो करियर, नौकरी, प्रतिष्ठा, जिम्मेदारियां और समाज में आपकी पहचान से जुड़ा होता है। इस समय करियर से जुड़े बड़े फैसले लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना जरूरी रहेगा। कामकाज के क्षेत्र में ईमानदारी बनाए रखें और अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से पूरा करें। जो लोग मैनेजमेंट, शिक्षा, सरकारी काम, कंसल्टिंग, बिजनेस या नेतृत्व की भूमिका में हैं, उन्हें किसी भी महत्वपूर्ण योजना को फाइनल करने से पहले अच्छी तरह जांचना चाहिए। बुध ग्रह इस समय संवाद, योजना और व्यावहारिक सोच में मदद करता है, इसलिए साफ-साफ बात करना और दस्तावेजों को ध्यान से देखना किसी भी गलतफहमी से बचाएगा। वरिष्ठ या अनुभवी लोगों की सलाह आपके लिए उपयोगी हो सकती है, इसलिए उनकी बात को धैर्य से सुनना फायदेमंद रहेगा। परिवार के लोग भी आपको अच्छे सुझाव देकर काम और घर के बीच संतुलन बनाने में मदद कर सकते हैं। आर्थिक स्थिति सही योजना के साथ स्थिर बनी रह सकती है। यह समय नए अवसरों के लिए खुद को तैयार करने और अपने कौशल को सुधारने के लिए अच्छा है, न कि अचानक करियर बदलने के लिए।

पाराशरी उपाय: काम में ईमानदारी और निष्पक्षता बनाए रखें। गुरुवार को कामकाजी लोगों को पीले वस्त्र दान करें। ऑफिस शुरू करने से पहले गुरु मंत्र का जप करें, अनुभवी लोगों की सलाह लें और इस अवधि में बड़े करियर फैसले टाल दें।

एस्ट्रो अरुण पंडित के मार्गदर्शन द्वारा तुला लग्न साइन कैलकुलेटर के लिए की जाने वाली पूजा से जुड़े।

वृश्चिक राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके नवम भाव में रहेंगे, जो भाग्य, उच्च शिक्षा, गुरुजन, पिता, लंबी दूरी की यात्रा और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ा होता है। इस समय शिक्षा, यात्रा या भविष्य की योजनाओं से जुड़े बड़े फैसले लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना जरूरी रहेगा। आपको अपने पिता, गुरु, शिक्षक या किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह को खुले मन से सुनना फायदेमंद हो सकता है। कामकाज के क्षेत्र में धैर्य और सही योजना के साथ काम करने से जिम्मेदारियां आसानी से पूरी होंगी। जो लोग शिक्षा, कानून, कंसल्टिंग, प्रकाशन, रिसर्च या बिजनेस से जुड़े हैं, उन्हें किसी भी बड़े कदम से पहले अपनी योजनाओं को दोबारा जांचना चाहिए। बुध ग्रह इस समय सीखने, संवाद और व्यावहारिक सोच में मदद करता है, इसलिए अपनी बात विनम्र तरीके से रखना और जरूरी जानकारी को अच्छे से जांचना लाभकारी रहेगा। परिवार में बड़ों का सम्मान करने और अनावश्यक बहस से बचने से माहौल शांत बना रहेगा। यह समय ज्ञान बढ़ाने और अपने जीवन मूल्यों को मजबूत करने के लिए भी अच्छा है।

पाराशरी उपाय: प्रतिदिन भगवद गीता का एक श्लोक पढ़ें, किसी शांत मंदिर या पवित्र स्थान पर जाएं, बेवजह के मतभेदों से बचें और नियमित रूप से “ॐ धर्माय नमः” का जप करें।

एस्ट्रो अरुण पंडित के मार्गदर्शन द्वारा वृश्चिक लग्न साइन कैलकुलेटर के लिए की जाने वाली पूजा से जुड़े।

धनु राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके आठवें भाव में रहेंगे, जो संयुक्त धन, पैतृक संपत्ति, बीमा, रिसर्च, छुपे हुए मामलों और जीवन में बदलाव से जुड़ा होता है। इस समय किसी भी आर्थिक दस्तावेज को ध्यान से जांचना और समझना बहुत जरूरी रहेगा, फिर ही किसी समझौते पर आगे बढ़ें। पैतृक संपत्ति, टैक्स, बीमा या साझा धन से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। कामकाज में ईमानदारी रखना और निजी जानकारी को सावधानी से संभालना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। जो लोग फाइनेंस, रिसर्च, कंसल्टिंग, कानून, जांच या बिजनेस से जुड़े हैं, उन्हें किसी भी निर्णय से पहले सभी जरूरी जानकारी को अच्छे से देख लेना चाहिए। बुध ग्रह इस समय सोच-समझकर संवाद और व्यावहारिक सोच में मदद करता है, इसलिए दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना और महत्वपूर्ण बातों को स्पष्ट तरीके से समझना गलतफहमी से बचाएगा। परिवार के सदस्य पैसों की योजना से जुड़ी अच्छी सलाह दे सकते हैं, इसलिए अनुभवी लोगों की बात सुनना उपयोगी रहेगा। यह समय अपने ज्ञान को बढ़ाने, भविष्य की योजनाओं को दोबारा देखने और धैर्य के साथ काम करने का है, बजाय इसके कि जल्दबाजी में कोई आर्थिक जोखिम लिया जाए।

पाराशरी उपाय: गुरुवार को हल्दी या पीली दाल का दान करें, आर्थिक मामलों को गोपनीय रखें, सरल प्राणायाम करें और रात में गुरु मंत्र का जप करें।

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मकर राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके सातवें भाव में रहेंगे, जो विवाह, साझेदारी, व्यापारिक संबंध, सार्वजनिक व्यवहार और अनुबंधों से जुड़ा होता है। इस समय विवाह, पार्टनरशिप या किसी भी बड़े समझौते से जुड़े फैसले लेने से पहले अच्छे से सोच-विचार करना जरूरी रहेगा। कामकाज के स्थान पर विनम्र बातचीत और संतुलित व्यवहार रखने से सहकर्मियों और ग्राहकों के साथ संबंध बेहतर रहेंगे। जो लोग बिजनेस, कानून, कंसल्टिंग, मैनेजमेंट या क्लाइंट से जुड़े काम करते हैं, उन्हें किसी भी डील को फाइनल करने से पहले सभी विवरण अच्छी तरह जांच लेने चाहिए। बुध ग्रह इस समय स्पष्ट बातचीत और व्यावहारिक सोच में मदद करता है, इसलिए दस्तावेजों को ध्यान से देखना और अपनी बात सरल तरीके से समझाना गलतफहमी से बचाएगा। परिवार और अनुभवी लोगों की सलाह आपके लिए उपयोगी हो सकती है, इसलिए धैर्य के साथ उनकी बात सुनना रिश्तों को बेहतर समझ देगा। पैसों के मामले सही योजना के साथ स्थिर रह सकते हैं। यह समय अपने रिश्तों को मजबूत करने और आपसी समझ बढ़ाने के लिए भी अच्छा है।

पाराशरी उपाय: साझेदारी में हावी होने वाले व्यवहार से बचें। बड़े फैसलों से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लें। गुरुवार को दंपतियों या परिवारों को मिठाई दान करें और संभव हो तो अपने जीवनसाथी के साथ गुरु मंत्र का जप करें।

एस्ट्रो अरुण पंडित के मार्गदर्शन द्वारा मकर लग्न साइन कैलकुलेटर के लिए की जाने वाली पूजा से जुड़े।

कुंभ राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके छठे भाव में रहेंगे, जो काम, सेवा, दैनिक दिनचर्या, स्वास्थ्य, कर्ज और प्रतिस्पर्धा से जुड़ा होता है। इस समय कार्यस्थल पर बातचीत में सावधानी रखना और सहकर्मियों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखना जरूरी रहेगा। अगर संवाद ठीक से न किया जाए तो छोटी-छोटी गलतफहमियां हो सकती हैं, इसलिए सरल और साफ भाषा का उपयोग करें। काम के क्षेत्र में जो लोग सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कंसल्टिंग या मैनेजमेंट से जुड़े हैं, उन्हें अपनी दिनचर्या में अनुशासन और सही योजना पर ध्यान देना चाहिए। बुध ग्रह इस समय स्पष्ट सोच और संवाद में मदद करता है, इसलिए किसी भी काम को शुरू करने से पहले सभी जानकारी को ध्यान से जांचना उपयोगी रहेगा। परिवार के साथ समय देना और घर के मामलों पर ध्यान देने से जीवन संतुलित रहेगा। बड़ों का सम्मान करने से घर का माहौल अच्छा बना रहेगा। आर्थिक मामलों को धैर्य और सही योजना के साथ संभालना चाहिए। यह समय अपनी आदतों को सुधारने, कौशल बढ़ाने और रुके हुए कामों को धीरे-धीरे पूरा करने के लिए अच्छा है।

पाराशरी उपाय: गुरुवार को शिक्षकों, चिकित्सकों या मार्गदर्शकों की सेवा करें। अपनी दिनचर्या में अनुशासन रखें, काम में घमंड से बचें और नियमित रूप से “ॐ गुरुभ्यो नमः” का जप करें।

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मीन राशि
गुरु के अस्त होने के दौरान गुरु आपके पाँचवें भाव में रहेंगे, जो शिक्षा, संतान, रचनात्मकता, प्रेम संबंध, सीखने की क्षमता और मार्गदर्शन से जुड़ा होता है। इस समय पढ़ाई, शिक्षा या रचनात्मक काम से जुड़े फैसले लेते समय थोड़ा ध्यान रखना जरूरी रहेगा। कामकाज के क्षेत्र में जो लोग शिक्षा, लेखन, काउंसलिंग, ट्रेनिंग या क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं, उन्हें अपनी बात या सलाह साझा करने से पहले हर जानकारी को अच्छे से जांच लेना चाहिए। बुध ग्रह इस समय सीखने और संवाद में मदद करता है, इसलिए पढ़ना, लिखना और अपनी बात सरल तरीके से रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। परिवार में बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी जरूरतों को समझने से घर का माहौल अच्छा बना रहेगा। पैसों के मामलों में समझदारी से काम लें और जल्दबाजी या जोखिम वाले फैसलों से बचें। यह समय अपने कौशल को सुधारने, सीखने पर ध्यान देने और प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखने के लिए अच्छा है, खासकर जब आप दूसरों की राय का सम्मान करते हैं और गलतफहमियों से बचते हैं।

पाराशरी उपाय: बिना किसी अपेक्षा के दूसरों को सिखाएं या मार्गदर्शन दें। जोखिम वाले वित्तीय फैसलों से बचें। गुरुवार को बच्चों या विद्यार्थियों को पीले फल दान करें और पढ़ाई या शिक्षण कार्य शुरू करने से पहले गुरु मंत्र का जप करें।

एस्ट्रो अरुण पंडित के मार्गदर्शन द्वारा मीन लग्न साइन कैलकुलेटर के लिए की जाने वाली पूजा से जुड़े।

विषयविवरण
ग्रह:

गुरु

गोचर राशि

कर्क

गोचर तिथि और समय

15 जुलाई 2026, बुधवार — शाम 07:59 बजे

गोचर अवधि

15 जुलाई 2026, बुधवार — शाम 07:59 बजे से 12 अगस्त 2026, बुधवार — सुबह 05:03 बजे तक

मुख्य बिंदु

ज्ञान, शिक्षा, परिवार, करियर मार्गदर्शन, धन, निर्णय क्षमता