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सावन विशेष: शिवलिंग की परिक्रमा में बरतें क्या सावधानियां?

सावन का महीना शुरू होते ही हर ओर माहौल शिवमय हो चुका है। हर कोई शिवजी की भक्ति में मगन है और सभी बाबा को रिझाने में जुटे हुए हैं। शिव भगवान अपने भक्तों से जल्दी खुश हो जाते हैं।

वे अपने भक्तों की थोड़ी-सी सेवा और भक्ति से खुश हो जाते हैं लेकिन क्या आपको पता है उनकी पूजा से जुड़े कुछ नियम भी हैं? इन नियमों में से ही एक है शिवलिंग की परिक्रमा करने के नियम।

माना जाता है कि मूर्ति की परिक्रमा से व्यक्ति के थॉट्स पॉजिटिव होते हैं और नेगेटिविटी खत्म होती है। इसके साथ ही परिक्रमा करने से पुण्य भी बढ़ता है। आपको हम आज के लेख में बताएंगे कि शिवलिंग की परिक्रमा करने का विशेष नियम क्या है?

शिवलिंग की परिक्रमा के नियम- 

दरअसल, शिवलिंग की आधी परिक्रमा की जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि शिवलिंग की जलाधारी को नहीं लांघना चाहिए, यानी शिव लिंग की परिक्रमा को जलाधारी तक पहुंचने पर ही पूरा मान लिया जाता है। 

शिवलिंग की परिक्रमा राइट यानी दाहिने हाथ की ओर से शुरू करनी चाहिए। 

परिक्रमा करते समय आपको शिवजी से प्रार्थना करनी चाहिए कि मेरे द्वारा जाने-अनजाने में और पूर्वजन्मों में भी भी किए गए सभी पाप इस प्रदक्षिणा के साथ-साथ नष्ट हो जाएं। हे प्रभु! मुझे अच्छी बुद्धि प्रदान करें और मेरे रोग-शोक का नाश करें।

 

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सावन विशेष: शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें, हो जाएगा अनर्थ!

कहा जाता है कि देवों के देव महादेव अपने भक्तों की आवाज सुनकर उनके सारे दुःख हर लेते हैं।  अगर भक्त मन से शिवजी की भक्ति कर ले तो वे उस पर सब कुछ लुटाने के लिए तैयार रहते हैं। हालांकि, भगवान शिव को पूजा के दौरान आपको कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए। वरना भगवान शिव आपसे नाराज हो सकते हैं। आज आपको बताते हैं इन चीजों के बारे में जिन्हें शिवलिंग पर चढ़ाने से आपके बनते काम भी बिगड़ सकते हैं।

केतकी का फूल

शिवजी की पूजा में केतकी के फूल को नहीं चढ़ाया जाता है। शिवपुराण में जिक्र आता है कि केतकी के फूल ने ब्रह्माजी के कहने पर झूठ बोला था जिसके बाद भगवान शिव ने उसे श्राप दे दिया था। 

शंख का जल

भोले बाबा का शंख के जल से अभिषेक नहीं किया जाता है। दरअसल, भगवान शिव ने शंखचूड़ का वध किया था जिसके बाद उसका शरीर भस्म हो गया और उस भस्म से शंख उत्पन्न हुआ। इसलिए शिवजी को शंख से जल नहीं चढ़ाया जाता है।

रोली व सिंदूर

इसके अलावा भोले बाबा को रोली और सिंदूर भी नहीं चढ़ाया जाता है। 

टूटे हुए चावल

चावल भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं लेकिन उन्हें टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाने चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव रुष्ट हो जाते हैं। भोले बाबा की पूजा में हमेशा अक्षत यानी बिना टूटे चावल ही यूज करने चाहिए।

 

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शुक्र का सिंह राशि में होगा गोचर, किसे मिलेगा धन?

शुक्र महाराज जुलाई में दूसरी बार राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। एस्ट्रोलॉजी में शुक्र ग्रह को सुख-संपत्ति और सुखी वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। दरअसल, शुक्र महाराज 31 जुलाई को राशि सिंह में ट्रांजिट यानी गोचर करेंगे। इस ट्रांजिट के कुछ राशियों को बेहद शुभ फल मिलने वाले हैं। आज के लेख में जानते हैं शुक्र महाराज के इस से किन राशियों को फायदा मिलने वाला है? 

वृषभ राशि

शुक्र महाराज का यह ट्रांजिट वृषभ राशि वालों के लिए बेहद अच्छा साबित होगा। इस समय कारोबारियों को बिजनेस में अच्छा मुनाफा मिलेगा। इन लोगों की मैरिड लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। इसके साथ ही नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और अप्रेजल मिलने की भी उम्मीद है। 

सिंह राशि

इससे सिंह राशि वालों को जबरदस्त फायदा होगा। आपको करियर में बड़ी कामयाबी मिलेगी और आप कॉन्फिडेंट नजर आएंगे। इस समय आपको पैतृक संपत्ति से धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। अनमैरिड लोगों की शादी तय हो सकती है।

तुला राशि

शुक्र का यह गोचर तुला राशि वालों की फाइनेंशियल कंडीशन को सुधारने वाला साबित होगा। इस समय आपकी इनकम बढ़ेगी और आप भौतिक सुख-सुविधाओं में जीवन गुजारेंगे। इस समय आपको अपने बच्चोंकी तरफ से  कोई पॉजिटिव न्यूज़ मिलने की उम्मीद है।

 

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कब है कामिका एकादशी व क्या हैं पूजा के नियम?

क्या आप जानते हैं कि सावन महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है? इस साल ये व्रत 31 जुलाई को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा की जाती है। कामिका एकादशी के व्रत का फल सभी एकादशियों के व्रतों में सबसे अच्छा माना जाता है। इसके व्रत से व्यक्ति के दुःख, कष्ट व शोक दूर होते हैं और सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

माना जाता है कि कामिका एकादशी की पूजा से सभी देवता, गंधर्व और सूर्य की पूजा का फल मिलता है। इस व्रत से अश्वमेध यज्ञ के फल के बराबर का फल मिलता है और व्यक्ति को मोक्ष मिलता है। कामिका एकादशी के  व्रत से भगवान विष्णु और भगवान शिव का आशीर्वाद साथ में मिलता है।

कैसे करें पूजा और क्या हैं नियम?

  • इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना न भूलें।
  • इस दिन श्रीविष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करें।
  • इसके साथ ही जितना ज्यादा हो सके ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें।
  • कामिका एकादशी का फलाहार व्रत ही करना चाहिए। 
  • इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान देने का विशेष महत्व है। इसलिए ब्राह्मणों को अपने घर में बुलाकर भोजन कराने के बाद दक्षिणा दें।

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Half Yearly Horoscope 2024 ( From Aries to Pisces)

Half Yearly Horoscope talks about the latter half of 2024, the Astrological landscape continues its dynamic evolution, offering distinct influences and opportunities tailored to each zodiac sign. From July through December, the cosmic realm creates a symphony of energies, igniting paths of growth, transformation, and self-discovery.

Saturn’s retrograde during this period spotlights a call for innovation and restructuring in career domains. It presents an opportune time for embracing new responsibilities and envisioning fresh professional trajectories. Meanwhile, Jupiter’s transit through Taurus fuels avenues of expansion and advancement in career pursuits, particularly when approached with confidence and vigour.

In the realm of finance, Saturn’s presence in Aquarius underscores the importance of financial discipline and strategic planning for long-term stability. Rahu’s movement through Pisces introduces potential for unexpected financial opportunities or shifts, requiring adaptability and prudent decision-making. Jupiter’s transit results well for financial growth and prosperity, especially through prudent investments and collaborative ventures.

Education receives a disciplined focus during Saturn’s transit through Aquarius, encouraging individuals to prioritise long-term goals and practical skill development. Jupiter and Mars conjunction in the sign of Taurus being the natural lord of 1st and 9th house in the month of July will open doors to opportunities for higher learning, knowledge expansion, and academic success.

Health consciousness is heightened under Saturn’s watchful eye in Aquarius, emphasising the significance of maintaining physical and mental well-being through consistent self-care practices. Rahu’s transit through Pisces may introduce fluctuations or unexpected health challenges, necessitating vigilance and precautionary measures. Meanwhile, Jupiter’s retrogression in  the month of October might not support overall vitality and wellness as the retrograde movement may create problems related to health. It is advised that through positive lifestyle changes and preventive actions you can sail through the period successfully.

Family dynamics undergo a period of stability and responsibility during Saturn’s retrogression, prompting individuals to prioritise stability and support within familial relationships. Rahu’s movement through Pisces may introduce shifts or disruptions in family dynamics, calling for patience and understanding amidst change. Jupiter’s influence in Aries and Taurus fosters harmony and growth within family bonds, facilitating opportunities for shared experiences and deepening connections. 

As we reflect on the journey from July 2024. Your personalised Horoscope 2024 serves as a guiding tool in navigating and unveiling insights to empower your journey towards fulfilment and purpose. Embrace the wisdom of the stars as you navigate the twists and turns of the remaining year ahead, forging a path of growth, resilience, and cosmic synergy.

Aries

For Aries native in the latter half of 2024 Saturn will retrograde in Aquarius till November; Rahu will transit in Pisces in the 12th house, and Ketu in Virgo, the sixth house. Jupiter retrogression will happen in October.

In terms of career, Aries individuals can expect a positive trajectory throughout 2024. With Saturn’s presence in the eleventh house, there are opportunities for growth, promotions, and increments. However, during Saturn’s retrograde period from June to November; some setbacks and fluctuations in career may occur, requiring patience and perseverance.

Financially, Aries natives may experience mixed fortunes. Jupiter and mars conjunction in Taurus signals potential for increased returns of investments and favourable financial dealings, particularly around July – August. However, it’s essential to exercise caution and adaptability, especially during unexpected changes indicated by Rahu’s presence in Pisces.

Relationships may undergo a period of transformation and improvement with the presence of the Sun in the 4th house in July. While the early part of the year might present challenges, from June onwards, harmony and positive developments are expected. The influence of Venus and Mercury in the seventh house from Aug-  October encourages Aries individuals to seek deeper connections and pursue their relationship goals with confidence.

Health-wise, Aries individuals are likely to enjoy stability and vitality, especially with Jupiter’s conjunction with mars, indicating relief and improvements. with transit of Mars in the second house and aspect on the fifth house, be cautious of minor stomach ailments. Success in maintaining good health is important as the presence of Mercury and Ketu in the sixth house and aspecting twelfth house in the month of September respectively, emphasising the importance of balance and well-being.

Remedy: Recite the Mars mantra “Om Mangalaya Namaha” daily for strength and resilience.

Taurus

For Taurus natives, Saturn will retrograde in Aquarius till November; Rahu in Pisces the 11th house, and Ketu in Virgo the 5th house Jupiter will retrograde in October.

In terms of career by July, career aspirations may come to fruition with transit of Mars in the sign of Taurus in the month of July in the first house, though challenges may persist. Saturn’s influence later in the year may prompt a shift in perspective, both personally and professionally.

Financial planning may occur around August due to the impact of Rahu, but Venus’s support may aid in making long-term commitments. September may mark an important phase for studies and future growth. During the last quarter, Jupiter’s retrograde influence promises good fortune in the workplace, potentially leading to success in business deals.

In terms of finances, Rahu’s placement in the eleventh house may bring unexpected monetary benefits, although satisfaction may be lacking. Saturn’s influence in the tenth house indicates increased focus and concentration on career development, though setbacks may occur during its retrograde period from June to November.

In terms of your love life, exciting prospects await, offering the chance to meet a fun and compatible partner. However, the influence of the Ketu and aspect of Mars the month of July on the seventh house, may bring confusion and obstacles, requiring effort to achieve conjugal bliss.

From health perspective, care is to be taken around October because some disturbances or improper diet and stomach ailment with Jupiter retrogression  may make you feel lethargic and lower your well-being. But things are going to look up towards the end of the year.

Remedy: Offer water to the Shiva lingam every Monday for peace of mind.

Gemini

For Gemini native , Saturn retrograde will be there till November while Rahu will be in Pisces in the 10th house and Ketu in 4th house. Jupiter will retrograde in October . 

In terms of your career,. From July onwards, improvements are evident in the workplace, with Jupiter’s blessings providing opportunities for expansion and business gains. Pursuing higher education abroad becomes feasible during this time. The positioning of Saturn in the ninth house is definitely going to enhance your Luck. Gemini natives who want to pursue higher education will have a golden chance during this period and there is also a potential for overseas travel. Even during Saturn’s retrograde period from June to November, favourable outcomes and career satisfaction are possible. Changes in the workplace are anticipated in October due to the influence of the Rahu in 10th house, potentially bringing favourable deals.

On the financial front, with the transit of Jupiter , both gains and expenses are visualised, which means you have to be more careful with your money. Though it will be volatile, your clear vision and assertive action may steer you through your financial matters from July.

About relationships, Mars’s energy ignites your love life with opportunities for romantic adventure and deepening connections, especially starting from June till mid July with its presence in the 11th house, aspect the fifth house of love and romance. For singles seeking relationships, the blessings of Venus may find a match. Changes may stir in October, bringing unique experiences and chances for exploration, assisted by Venus’s energy in the year-end.

Health wise, the second half of the year begins delicately, with a need to guard against stomach discomfort in the month of October, with debilitated Mars aspecting the fifth house in October, Be cautious of chest infections, and eye-related issues as well. Health concerns fluctuate throughout the year, necessitating ongoing attention and care.

Remedy: Recite the Mercury mantra “Om Budhaya Namaha” to enhance intellect and wit.

Cancer

For Cancer native, Saturn will be retrograde in Aquarius till November, Rahu will transit in Pisces in the 9th house, and Ketu in Virgo in the 3rd house. Initially, Jupiter will retrograde from October.

In terms of career, Cancer individuals can anticipate a year of new opportunities and potential promotions, particularly after July, with Jupiter’s supportive influence. Those working in government sectors or involved in politics may find themselves in advantageous positions, including new roles or responsibilities. However, Saturn’s presence in the second half of the year could introduce disruptions in work life, such as changes in schedules. Nonetheless, with perseverance and intelligence, Cancer natives have the capacity to overcome these challenges.

Financially, Jupiter and Mars conjunction into the eleventh house might  suggest increased income opportunities, albeit accompanied by higher expenses due to Saturn’s influence in the eighth house. While Saturn encourages prudent spending habits, it may also cause delays in financial gains. Nevertheless, favourable planetary movements support endeavours such as purchasing a house or a car during the year.

The latter part of the year holds promise for financial gains, with opportunities for income enhancement and ventures. Planetary influences, especially from the Sun in July in the sign of Cancer , contribute to this positive momentum

In relationships, patience and tolerance are highlighted strengths for Cancer individuals in 2024, attracting others and fostering inner peace. However, Mars’s influence may lead to impulsiveness and potential dominance in relationships, requiring mindfulness to maintain relationship quality.

Romantically, the year begins with favourable influences, with Mercury and Venus in the fifth house from October energising love life. Deepened connections may lead to stronger relationships, with the possibility of contemplating marriage.

In terms of health, Jupiter’s transit offers relief from health issues, improving overall well-being and happiness. While retrograde Saturn’s presence may pose challenges, Jupiter’s influence aids in health recovery and boosts the immune system. Caution is advised in driving and dietary choices during this period.

Remedy: Perform puja to Lord shiva on Monday for prosperity and abundance.

To watch Half Yearly Horoscopes from Aries to Cancer in video format click on the link above.

To read this Article in Hindi language click on the link.

Leo

For Leo native, throughout this year, Saturn will Retrograde in Aquarius till November, Rahu in Pisces in the 8th house, and Ketu in Virgo in the 2nd house. Jupiter will retrograde into Taurus in the 10th house from October.

In terms of your career, the placement of The retrograde movement of Saturn from June to November may further exacerbate job-related pressures.  Sun transit into the 12th house after May could signify changes in your career path, potentially leading to job change or increased responsibilities. However, increased workload and lack of cooperation from colleagues may contribute to stress, necessitating caution against overextending yourself.

Financially, the transit of Mercury in sign of cancer and conjunction with Ketu in the second and aspect of eighth houses may bring about financial difficulties and strain on finance in the latter half of  2024. Jupiter’s retrograde from October into the tenth house may lead to decreased income, with previous debts requiring attention and limited opportunities for savings. Investments should be approached with caution, as hasty decisions or the pursuit of quick gains may result in losses. Unexpected personal expenses and the influence of retrograde Saturn retrograde from June to November further highlight the need for financial prudence and careful planning.

In terms of relationships, the latter half of 2024 may require careful communication and understanding to navigate potential conflicts. Jupiter’s aspect on the fourth house promises restoration of harmony and strengthening of relationships, despite initial challenges.

Health wise, a focus on good health practices and vigilance against neglect. The latter half of the year may bring feelings of fatigue and stress, requiring adequate rest and self-care. Medical expenses for both oneself and one’s spouse may be necessary, although health concerns are expected to be manageable overall.

Remedy: Recite the Sun mantra “Om Suryaya Namaha” for vitality and success.

Virgo

For Virgo Native, Saturn will retrograde in Aquarius till November, Rahu in Pisces, in the 7th house, and Ketu in Virgo, in the 1st house. Jupiter will retrograde in October.

In terms of your career, Mars transit in the 10th house in sign of Gemini in August, promises a boost in confidence and a renewed sense of vigour. This period marks a favourable time for career advancement, with opportunities for job changes and new prospects on the horizon. Despite potential challenges brought about by retrograde Saturn after June, Saturn’s retrograde presence in the sixth house provides you with an advantageous edge in your current endeavours and future prospects. Additionally, Jupiter’s influence in the ninth house offers ample opportunities for career growth and financial gains, particularly for those seeking job changes or desired positions.

Financially, Venus favourable transit in the 2nd house in August signifies an improvement in your financial situation. Reduced expenses coupled with increased income pave the way for financial growth, allowing for savings and investments. Real estate ventures may prove lucrative during this time, although caution is advised against land investments in the latter part of the year to avoid potential losses. Loan transactions should also be approached with care.

Rahu may make it a sensitive phase for you regarding love life. However, the favourable Venus in the sign of Cancer and aspect on the fifth house in the second half shall make things easier for you to improve your relationship and enjoy satisfaction. Since Rahu and Ketu are in the seventh house and first house, the presence of them there may bring disturbances and disharmony in personal life. However, if you express your love openly and clear the misunderstandings in time, it shall help you build trust and clear off misunderstandings.

The health front is expected to remain in a better phase throughout the year, and the mental strength shall develop over time. Long-standing health issues also resolve in time. Influence of Jupiter shall help you to come out from health issues, and Saturn in the sixth house will support it. The health issue may be serious due to Rahu’s transit in the seventh house and Ketu’s transit in the first house, which can give more issues regarding health, whether physical or mental.

Remedy: Wear an emerald gemstone for clarity of thought and analytical skills.

Libra

For Libra natives, Saturn will retrograde in Aquarius till Nov, Rahu in Pisces, in the 6th house, and Ketu in Virgo, in the 12th house. Jupiter will retrograde in October.

In terms of your career, the second half of 2024 looks promising for new job openings and financial gains. The position of Sun in the 10th house in July is an indication of growing income, and blessings in the form of big and sudden opportunities, which are likely abroad. There is a chance of competition and unexpected responsibilities at the workplace, but the support from Rahu in the sixth house will help you not only conquer the challenges but also manage the workload. Long-distance travel related to work and promotion is likely in the second and third quarters, and that will open the gate for growth.

On the financial side, Saturn may bring good gains from past investments, but unexpected expenses will upset the financial planning. Long-term investment in real estate and property will be good, but aggressive real estate ventures may not yield favourable results; thus, decisions should be made judiciously. Inheritance and investments in the share market, lottery, or gold are good for financial stability, though some delays are expected with retrograde Jupiter during October.

As far as relationships are concerned, the second half of 2024 will see challenges in terms of over-expectations and personal space, all caused by Mars’ position in October in sign of Cancer aspecting 5th house. Communication will be difficult in terms of expressing feelings to your partner. Honest communication is needed to break the emotional barriers. The year’s latter half may see a slow and challenging period for marital relationships due to workload and limited quality time.

As far as health is concerned, potential weaknesses may come to the surface during the mid-year, but there will be fluctuations throughout the year. Retrograde Saturn, Self-responsibility, if neglected, can cause a setback, particularly related to the liver, sugar, obesity, and spinal issues. Transit of retrograde Saturn in the 5th house causes special attention to be paid to health issues regarding the heart, dental, urinary, and bones. Alertness and adherence to proper diet and exercise will be required to maintain well-being.

Remedy: Recite the Venus mantra “Om Shukraya Namaha” for love and happiness.

Scorpio

For Scorpio native Saturn retrograde till November  in the 4th house, Rahu in Pisces in the 5th house, and Ketu in Virgo in the 11th house. After May 1,Jupiter will retrograde in October.

Retrograde Saturn in Aquarius in the 4th house could keep the Scorpios dwelling on stability and security. This placement will make them think of building a strong base, and they may look for further opportunities to rise in their professional lives. But with Rahu’s position in Pisces in the 5th house, some unexpected activities are likely to affect the career of the Scorpios. There may be twists and turns in this regard, but that could also make them more creative in solving problems. This time is not good for changing jobs. After  July, when Jupiter is in the 7th house, partnerships or collaborations could also help them rise in their careers.

Financially, retrograde Saturn, being in Aquarius in the 4th house, focuses on financial security and stability in the second half of the year 2024 for Scorpios. They will like to be involved in long-term investments and savings, preparing for a solid foundation for the future. But Rahu in Pisces in the 5th house may make way for financial fluctuations or some unexpected expenditure, and Scorpios need to be cautious and wise in their decisions related to money matters, not spending on  impulsive investments. The transit of Venus in the Virgo in the 11th house in August  may bring in chances of financial improvement with the help of new ventures, but Scorpios need to be very alert while examining any financial opportunity that may come their way.

In the second half of the year 2024, there can be great changes and transformations in relationships for the Scorpios. Since retrograde Saturn is placed in Aquarius in the 4th house, they may search for stability and security in their personal connections and can stand by loyalty and commitment. But Rahu’s placement in Pisces in the 5th house can create some problems or misunderstanding in romantic relationships. Scorpios need to communicate openly and honestly with their partner to clear out any issue. Moreover, In october   retrograde Jupiter in Taurus in the 7th house may bring the opportunity to deepen the existing relationship or create a new partnership, but that must be proceeded cautiously and with discretion by the Scorpios.

Concerning health, the Scorpios may look into their physical and emotional health during the second half of 2024. Since Saturn is in Aquarius in the 4th house, they will seek self-care and emotional strength and look for ways to reduce stress and maintain the right work-home balance. But, due to the influence of Rahu in Pisces in the 5th house, emotional stress or mental health issues can create some vulnerability. The Scorpios should take care of themselves and contact close family and friends or healthcare professionals when needed. Besides, with the retrograde Jupiter to Taurus in the 7th house, Scorpios can find ways to heal and rejuvenate through their relationships or partnerships, but they should take care that they listen to their body’s needs.

Remedy: Visit Hanuman ji temple every Tuesday and Saturday.

To watch Half Yearly Horoscopes from Leo to Scorpio in video format click on the link above.

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Sagittarius

For Sagittarius native Saturn will retrograde in Aquarius, the 3rd house, Rahu in Pisces, the 4th house, and Ketu in Virgo, the 10th house. Jupiter will retrograde in October.

Conjunction of Mars and Jupiter in the 6th house could mark the beginning of a busy period at work. This will translate to increased responsibilities and hectic schedules, resulting in tension as some supporters might appear to stay away. However, the influence of Saturn could balance this by ensuring that efforts are rewarded with positive outcomes. Successful ventures abroad or returning to one’s hometown for those living abroad.

An initial hitch, maybe regarding property or housing issues, might drive home the need to exercise great caution and seek professional advice before investment. Unplanned expenses and travel notwithstanding, long-term investment in real estate would pay dividends. However, avoid taking impulsive financial decisions, especially during the period between July and October of. Keep away from loans or debt obligations that might put one in a fix over repayments.

The second half of 2024 could see challenges in the form of unrealistic expectations or feeling suffocated, shown by the position of Venus and Mars. Candid conversation would be required to move past misunderstandings and emotional baggage. The last quarters might test the marital waters as the workload or busy schedules may hamper quality time spent together.

Health wise, fluctuations may happen on account of influences of Ketu and retrograde Jupiter, disturbing the sleep and producing pressure-related troubles. Care will be needed against aggression-induced health problems, like fluctuations in blood pressure. Mild exercise will be very useful. As Rahu is in the fourth house, care will have to be taken against infections, which, later half, will become intense with Jupiter going to the sixth house. The care of self and holistic health will be an important requirement to sail through all varieties of health problems.

Remedy: Recite the Jupiter mantra “Om Gurave Namaha” for wisdom and spiritual growth.

Capricorn

For Capricorn native, Saturn will retrograde in Aquarius till November , in the 2nd house, Rahu in Pisces, in the 3rd house, and Ketu in Virgo, in the 9th  house. Jupiter will retrograde in October.

In Career, retrograde Saturn transiting through Aquarius in the 2nd house shows a remarkable emphasis on career and financial matters. This placement is evidence of hard work and more effort. This may bring gradual progress with financial stability. However, it may also bring about a need for discipline and prudent financial management in order to negotiate any challenges that arise.

Rahu in Pisces in the third house can excite intellectual pursuits and communications. This position can bring new opportunities in career advancement, networking, or skill development. This will be a good time for expanding professional networks and undertaking new challenges with high confidence and adaptability.

Ketu And Mercury conjunction in Virgo in the ninth house suggests a period of introspection and spiritual growth. While it may bring some challenges related to belief systems or long-distance travel, it also offers opportunities for seeking higher knowledge and broadening one’s perspective on life and career goals. 

Retrograde Jupiter in the sign of Taurus in the fifth house, which may signal a time for creativity, self-expression, and expansion in various spheres of life. It could yield new opportunities for personal growth, entrepreneurship, or creative projects. However, it is essential to balance this energy with practicality and responsibility in order not to overextend oneself.

In matters of finance, the influence of Saturn in the second house is more indicative of long-term financial stability and prudent investments. That would be a period of careful planning and budgeting in order to secure one’s financial future. Further, Jupiter and Mars placed in the fifth house in July can bring opportunities for financial growth through speculative ventures or entrepreneurial exploits.

Relationships may undergo a sea of change, but with retrograde Saturn’s influence, they will be stabilising in relationships and commitments. Venus in the eighth house in August as a result there will be a problem in communication or in the power balance in a relationship. This will be a test of patience and understanding. One shall actually build a strong foundation and work for meaningful relationships based upon respect and trust.The combination indicates taking care of the balance. Retrograde Saturn’s influence in life can bring discipline and structure into the health routine, while Jupiter’s and Mars conjunction in the fifth house can encourage physical activities and holistic well-being. One should be able to listen to the signals of the body and maintain health in order to be hale and hearty and able to face all the challenges that come along the way throughout the year.

Remedy: Offer prayers to Lord Saturn on Saturdays for stability and success.

Aquarius

For Aquarius natives, later this year, Saturn will be retrograde in the 1st house, Rahu in the 2nd house in Pisces, and Ketu in the 8th house in Virgo. Jupiter will retrograde in October.

Regarding career, Retrograde Saturn in the first house would make a person disciplined and structured, approach their professional lives in a more ordered manner. People will set ambitious goals for themselves, let challenges be what they are, and work toward making a solid foundation for long-term success. However, individuals will have to be watchful of not overexerting or burning themselves out, and hence, proper self-care should be taken to keep themselves balanced and healthy.

Aquarius natives will have retrograde Saturn transiting their ascendant from July, which creates a time where profound attention is needed regarding personal identity, self-expression, and career progression. The individual must reassess his goals, ambitions, and long-term plans in this period. This is a period when people need to take responsibility for their actions and embrace discipline and perseverance if they want to be career-oriented.

Rahu in the second house in Pisces shows financial matters and self-worth. It could bring chances of increasing money, but still, it would be subject to fluctuations in income or financial stability. Ketu and mercury conjunction in the eighth house in Virgo in September. Individuals might need to be cautious in their financial situation in the latter half of the year and not spend too much money unnecessarily in order to give way for long-term financial security.

Ketu’s transit in the eighth house in Virgo signals a period of meditation and change, especially as regards shared resources, investment, and emotional ties. This placement may initiate changes in joint finances, inheritance matters, or psychic healing. This is a time to let go of your old patterns and embrace new opportunities for growth and renewal.

Retrograde Jupiter’s transit through Taurus in the fourth house underlines home, family, and emotional well-being. This could bring up opportunities for expanding the living environment, renovating or buying a new property, or strengthening family relationships. It is a good time to nurture relationships with loved ones and create a sense of stability and security in the domestic sphere.

Financially, the combination of Rahu in the second house and Jupiter and Mars conjunction  in the fourth house in July shows importance given to securing and stabilising financial matters through prudent investments and responsible budgeting. Though there will be ups and downs in the cash inflow of a person, they are able to tap the long-term prospects of prosperity and growth.

Relationships under the influence of Ketu and Mercury in the eighth house might get transformed and deepened. It’s time to delve deeper into emotional connections, let go of old emotional wounds, and cultivate closeness and trust in relationships. One needs to be patient and understanding in the dynamics of power relationships or emotional challenges if they want to maintain a balanced relationship.

Health wise, the astrological transits remind one to care and be mindful of one’s health. For retrograde Saturn in the first house, there will be a need to bring structure and discipline in health routines, whereas In July Mars in the fourth house needs self-care practices that lead to emotional and physical well-being. One needs to listen to the body’s signal and address any health issues at hand to maintain vitality and resistance throughout the year.

Remedy: Recite the Saturn mantra “Om Sham Shanicharaya Namah” for patience and perseverance.

Pisces

For Pisces native, Saturn transits through Aquarius in the 12th house, Rahu in the 1st house of Pisces, and Ketu in the 7th house in Virgo. Jupiter will transit through Taurus in the 3rd house for the rest of the year.

As Retrograde Saturn goes through Aquarius in the 12th house, the transit looks for spiritual growth, solitude, and getting rid of past limitations. This placement may cause a retreat or a period of solitude where one may reflect a lot upon his inner journey and seek more meaning and purpose in his life. It is a period of interior searching and healing, which would later lead to greater clarity and personal transformation concerning career choices.

On the other hand, the presence of Rahu in the 1st house of Pisces reflects a time of finding oneself, personal growth, and assertiveness. This position might bring opportunities for them to be able to assert themselves in their careers, take up leadership, or venture into something new with confidence and determination. But there may be a tendency towards impulsive or unpredictable actions, which they need to manage with great care so that they achieve long-term success and stability in what they do.

With Mercury and Ketu in conjunction  in  the 7th house in Virgo, the period is likely to be one of re-evaluation and transformation with regard to relationships. This placement may bring changes or ends in partnerships where one looks for a relationship that is truer, and well-suited to oneself. It’s a time for the ending of unhealthy dynamics or codependency and for fostering relationships that are based on mutual respect, trust, and emotional fulfilment.

In October retrograde Jupiter’s  over Taurus in the 3rd house indicates increased focus on communication, learning, and mental pursuits. This could bring in opportunities for individuals to extend their horizons of knowledge, skills, and networks through education, travel, or community involvements. It is an auspicious time for following new interests, creative works, and strengthening ties with siblings or neighbours.

Regarding finance, the combination of  retrograde Saturn in the 12th house and Rahu in the 1st house calls for guarded optimism and financial prudence. Individuals may have to exercise control over spending and avoid unnecessary risks or impulsive decisions. Financial stability and long-term planning should be given utmost priority for security and prosperity in the future.

The astrological transits impel one to give paramount importance to self and well-being. As Saturn retrograde is in the 12th house, there may be a need for rest and relaxation, with stress management techniques in place for the maintenance of physical and mental balance. One should listen to what the body says and attend to any health concerns in a timely manner in order to face the year ahead with energy and vitality.We hope that you liked our article. Best wishes to you from the team of Astro Arun Pandit ji.

Remedy: Offer prayers to Lord Vishnu on Thursdays for guidance and protection.

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अर्द्ध-वार्षिक राशिफल (जुलाई से दिसंबर 2024)

अर्द्ध वार्षिक राशिफल की  बात करें तो जैसा की आपको पता ही है कि हम 2024 के दूसरे हिस्से यानी उत्तरार्द्ध में प्रवेश कर रहे हैं। इस समय में सौर मंडल में ऐसी कई परिघटनाएं होने वाली हैं, जिनका सभी राशियों के जातकों पर अलग-अलग असर होगा और यह घटनाएं सभी के लिए अवसरों के दरवाजे खोलेंगी। जुलाई से लेकर दिसंबर तक ब्रह्मांड में होने वाले परिवर्तन, मनुष्यों के विकास, बदलाव और आत्मावलोकन की ओर इशारा कर रहे हैं। 

इस अवधि में कुंभ राशि में कर्मफल दाता शनिदेव विराजमान रहेंगे। ऐसे में करियर के क्षेत्र में इनोवेटिव और अपडेटेड रहना समय की मांग होगी। यह समय करियर में नई जिम्मेदारियां उठाने और अपनी कल्पनाओं को उड़ान देने के लिए सही रहेगा। इस बीच वृषभ राशि से देवगुरु बृहस्पति महाराज का गोचर करियर में उन्नति व विकास के रास्ते खोलने वाला साबित होगा। इस समय आत्मविश्वास और जोश के साथ काम करना और भी ज्यादा फायदेमंद रहने वाला है।

आर्थिक नजरिए से देखें तो कुंभ राशि में शनिदेव की मौजूदगी बता रही है कि भविष्य की स्थिरता के लिए इस समय वित्तीय अनुशासन अपनाना होगा। यानी कमाई, खर्च, बचत और निवेश के बारे में सोच-समझकर फैसले लेने होंगे। आर्थिक लिहाज से रणनीतिक फैसले लेना भी इस समय की मांग है। वहीं, इस समय मीन राशि में राहु ग्रह की उपस्थिति अप्रत्याशित रूप से वित्तीय अवसर और बदलावों को लेकर आएगी लेकिन इस मौके का फायदा उठाने के लिए बुद्धि व विवेक का इस्तेमाल करने की जरूरत होगी। वहीं, गुरु महाराज के वृषभ राशि में विराजमान रहने से आर्थिक दृष्टि से यह समय समृद्धि लाने वाला होगा। इस समय में विवेक के आधार पर किए गए निवेश विशेष रूप से लाभदायी रहेंगे।

एजुकेशन के लिहाज से देखें तो कुंभ राशि में अनुशासन प्रिय शनि महाराज के विराजमान रहने से लोगों को इस समय अनुशासित रहने की जरूरत होगी। इस समय लोगों को भविष्य के लक्ष्य तय करने और स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं, वृषभ राशि में देवगुरु बृहस्पति की उपस्थिति के फलस्वरूप यह समय लोगों के लिए उच्च शिक्षा और अकैडमिक सफलता के मौके लेकर आ रहा है। 

स्वास्थ्य के नजरिए से बात करें तो इस दौरान कुंभ राशि में शनिदेव के विराजमान रहने से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इस समय में लोग अपने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य का खुद ही ख्याल रखते नजर आएंगे। इस समय राहु ग्रह के मीन राशि में उपस्थित होने से लोगों को अपने स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव महसूस होंगे और उन्हें इस समय अचानक से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। 

ऐसे में लोगों को सतर्क रहना होगा कर एहतियात बरतने होंगे। हालांकि, इस समय वृषभ राशि में बृहस्पति महाराज की उपस्थिति से लोग सकारात्मक जीवनशैली अपनाएंगे और एहतियात बरतते हुए अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरुरी रास्ते को चुनेंगे। 

कुंभ राशि में शनिदेव के विराजमान रहने से लोगों के पारिवारिक जीवन में स्थिरता आएगी। इस समय लोगों को पारिवारिक जीवन में जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। वहीं, मीन राशि में राहु ग्रह की मौजूदगी परिवार में विवाद की स्थिति पैदा कर सकती है जिससे परिवार बिखरने की कगार पर भी पहुंच सकते हैं। इस स्थिति में लोगों का धैर्य और सूझ-बूझ बहुत काम आएंगे। हालांकि, देवगुरु बृहस्पति महाराज का वृषभ राशि में होना परिवार में सद्भाव लाने का काम करेगा और संबधों को  सुधारने में मददगार साबित होगा। 

अनंत संभावनाओं के साथ आ रहे इस समय को लेकर निश्चित ही आपके मन में कई जिज्ञासाएं होंगी। आप आगामी 6 महीनों में अपने जीवन पर आने वाले उतार-चढ़ाव, स्वास्थ्य, आर्थिक हालातों आदि के बारे में जानना चाहते होंगे। आप अपनी राशि का राशिफल जानकर ज्योतिष की मदद से अपने भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए उत्सुक होंगे। तो आइए सितारों की मदद से जानते हैं किस राशि में जन्मे जातकों के लिए कैसे रहेंगे आने वाले 6 महीने :-

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों को इस समय करियर के लिहाज से उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। दरअसल, शनिदेव इस साल कुंभ राशि में आपके 11वें यानी आय भाव में रहेंगे। वहीं, राहु ग्रह मीन राशि में 12वें भाव में और केतु, कन्या राशि में छठे भाव में रहेंगे। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति मई से वृषभ राशि में आपके दूसरे भाव में आ गए हैं। आपको इस साल की शुरुआत में करियर में सकारात्मक परिणाम मिले होंगे। 

संभवत: आपका प्रमोशन हुआ होगा या अच्छी वेतन वृद्धि मिली होगी लेकिन आगामी 6 महीने आपको सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल, जून से नवंबर तक शनिदेव वक्री अवस्था में हैं। ऐसे में आपको कुछ असफलताएं मिल सकती हैं लेकिन इस दौरान आपको धैर्य बनाए रखना चाहिए और हालातों का दृढ़ता से सामना करना चाहिए।

इस समय मेष राशि वालों को आर्थिक रूप से मिले-जुले परिणाम मिलेंगे। गुरु महाराज का वृषभ राशि में होना आपको निवेश में अच्छा रिटर्न दिलाएगा। इसके लिए अगस्त का महीना ज्यादा लाभदायक साबित होगा।  हालांकि,राहु के मीन राशि में होने के चलते हालात अप्रत्याशित रूप से बदल सकते हैं। ऐसे में आपको निवेश में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

यह समय आपके रिलेशनशिप के लिहाज से अच्छा साबित होने वाला है। इस समय आपके रिश्ते गहरे होंगे और आप इसमें तालमेल बैठाने में कामयाब रहेंगे। आपके रिलेशनशिप में साल की शुरुआत से अब तक आईं सभी चुनौतियां इस समय खत्म होंगी। अक्टूबर में शुक्रदेव व बुध के प्रभाव से आपके रिलेशनशिप में और भी ज्यादा स्थायित्व आएगा व आपका आत्मविश्वास भी बढ़ा-चढ़ा रहेगा।

स्वास्थ्य की दृष्टि से बात करें तो इन छह महीनों में मेष राशि के जातकों की तबीयत में सुधार नजर आएगा।  बृहस्पतिदेव के वृषभ राशि में आपके दूसरे भाव में विराजमान रहने से आपकी ऊर्जा बढ़ी रहेगी और आप उत्साहित महसूस करेंगे। 

उपाय- इस समय आप मंगलदेव के ‘ॐ अं अंगारकाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए 2024 का उत्तरार्ध अच्छे फल लेकर आ रहा है। इस समय देवगुरु बृहस्पति, वृषभ राशि में आपके लग्न भाव में विराजमान रहेंगे। इस दौरान केतु ग्रह कन्या राशि में आपके पंचम भाव में व राहु ग्रह मीन राशि में आपके एकादश भाव में मौजूद रहेंगे। वहीं, कर्मफल दाता शनि महाराज आपके दशवें यानी कर्म भाव में ही विराजमान रहेंगे। इससे करियर के मामले में जुलाई तक आपकी उम्मीदें पूरी होंगी। हालांकि, कुछ चुनौतियां बरकरार रह सकती हैं।वहीं, इस वर्ष के अंत में शनि के प्रभाव से आपकी पर्सनल व प्रोफेशनल लाइफ में बदलाव आ सकता है। 

राहु के प्रभाव के चलते आप अगस्त के आसपास कुछ वित्तीय योजनाएं भी बना सकते हैं। इस मामले में शुक्रदेव भी सहायक होंगे और उनके प्रभाव से आप लंबी अवधि वाली किसी योजना में निवेश कर सकते हैं। सितंबर आपके लिए पढ़ाई, कौशल विकास और भविष्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। वहीं, इस साल की अंतिम तिमाही यानी अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में भाग्य आपका साथ देगा। इस समय में आपकी कोई बिजनेस डील होने की भी संभावना है।  

आर्थिक नज़रिए से देखें तो राहु ग्रह का आपके ग्यारहवें यानी आय भाव में विराजमान होने से आपको अचानक से धन लाभ हो सकता है। हालांकि, इससे आप संतुष्ट नहीं होंगे। वहीं, दसवें भाव में शनिदेव विराजमान हैं को नवंबर तक वक्री रहेंगे जिससे इस समय आपको करियर में असफलताओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, दिसंबर के महीने में हालत सुधरेंगे और आप अपने करियर पर फोकस कर पाएंगे। 

वृषभ राशि के जातकों के जीवन प्रेम पर नजर डालें तो यह समय आपके लिए जबरदस्त रहने वाला है। प्रेमी की तलाश कर रहे जातकों का इंतजार इस महीने खत्म होने की संभावना है। इस समय में आपको ऐसा पार्टनर मिल सकता है जो आपके जीवन में खुशियों के रंग भर दे और जिसके साथ समय बिता कर आपको काफी सुकून मिलेगा। 

वहीं, वृषभ राशि के विवाहित जातकों की बात करें तो केतु के प्रभाव से आपके व आपके जीवनसाथी के बीच किसी बात को लेकर गलतफहमी पनप सकती है। इसके चलते आप दोनों के बीच विवाद हो सकता है। ऐसे में अपने रूठे जीवनसाथी को मनाने के लिए आपको विशेष कोशिश करनी पड़ेगी। 

स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो आपको अक्टूबर के आसपास अतिरिक्त सावधानी बतरनी चाहिए। इस समय आपको अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए वरना आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि साल के अंत तक आपकी सेहत में सुधार होगा।

उपाय- मानसिक शांति के लिए हर सोमवार शिव लिंग पर जल अर्पित करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के करियर के लिहाज से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। इस समय शनि महाराज कुंभ राशि में आपके 9वें भाव में जबकि राहु, मीन राशि में 10वें भाव में और केतु, कन्या राशि में आपके चौथे भाव में रहेंगे। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति, वृषभ राशि में आपके 12वें भाव में विराजमान रहेंगे। खासकर बिजनेस करने वाले लोगों के लिए यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। जुलाई के बाद गुरुदेव की कृपा से आपको अपने कारोबार में सुधार नजर आएगा। बृहस्पति महाराज की कृपा से इस समय आप अपना कारोबार बढ़ाने में कामयाब रहेंगे और आपको लाभ भी मिलेगा।

करियर के लिहाज से देखें तो जुलाई के बाद से आपके कार्यक्षेत्र में बदलाव देखने को मिलेगा। देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से विदेश जाकर उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए यह समय अच्छा रहेगा। आपके नौंवे भाव में शनिदेव का विराजमान होना आपके भाग्य को बढ़ाने वाला साबित होगा। यहां तक की जून से नवंबर तक शनिदेव के वक्री रहने की स्थिति में भी आपको अच्छे परिणाम और करियर में संतुष्टिदायक सफलता मिलेगी। वहीं, राहु के 10वें भाव में विराजमान रहने से इस समय आप करियर में भी बदलाव कर सकते हैं। 

इस समय कर्मफल दाता शनिदेव मिथुन राशि वालों के के नौंवे भाव में जबकि राहु, मीन राशि में 10वें भाव में और केतु, कन्या राशि में आपके चौथे भाव में रहेंगे। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति, वृषभ राशि में आपके 12वें भाव में विराजमान रहेंगे। खासकर बिजनेस करने वाले लोगों के लिए यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। जुलाई के बाद गुरुदेव की कृपा से आपको अपने कारोबार में सुधार नजर आएगा। बृहस्पति महाराज की कृपा से इस समय आप अपना कारोबार बढ़ाने में कामयाब रहेंगे और आपको लाभ भी मिलेगा।

आर्थिक नजरिए से देखें तो गुरु महाराज का गोचर आपकी आमदनी और खर्चे दोनों बढ़ाएगा। जुलाई से स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर हो जाएगी। हालांकि, आप इस स्थिति को अपनी बुद्धिमत्ता से नियंत्रित करने में सफल रहेंगे। 

रिलेशनशिप की बात करें तो मंगलदेव जुलाई के मध्य तक आपके आय भाव में विराजमान होकर प्रेम यानी पांचवे भाव पर पूर्ण दृष्टि डालेंगे। इससे आपकी लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा और आपके रिश्ते में गहराई आएगी। अब तक प्रेम की तलाश कर रहे जातकों को शुक्र महाराज के आशीर्वाद से अच्छा साथी मिलने की उम्मीद है। इस लिहाज से खासकर अक्टूबर का महीना ज्यादा महत्वपूर्ण है। 

स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो जुलाई से दिसंबर तक का समय आपके लिए प्रतिकूल रहने वाला है। इस समय आपको पेट संबंधी बीमारियों, चेस्ट इन्फेक्शन और आंखों से संबंधित रोगों से जूझना पड़ सकता है। इस समय अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए।

उपाय- इस समय आपको बुध देव के मंत्र ‘ॐ बुधाय नमः’ का जाप करना चाहिए।

कर्क राशि 

इस समय कर्मफल दाता शनिदेव कर्क राशि के जातकों के आठवें भाव में विराजमान रहेंगे। वहीं, राहु नौंवे और केतु आपके तीसरे भाव में मौजूद रहेंगे जबकि देवगुरु बृहस्पति आपके आय यानी ग्यारहवें भाव में उपस्थित रहेंगे। अगर करियर के नजरिए से देखें तो इस छमाही में आपकी पदोन्नति हो सकती है या आपको नए मौके मिल सकते हैं। 

करियर के नजरिए से देखें तो इस समय आपको नए मौके मिलने वाले हैं। देवगुरु बृहस्पति के सकारात्मक प्रभाव से जुलाई के बाद आपका प्रमोशन हो सकता है। सरकारी क्षेत्र या राजनीति में काम कर रहे जातकों को इस समय प्रभावशाली पद और नई जिम्मेदारियां मिलने की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, आपके अष्टम भाव में शनिदेव के उपस्थित रहने से इस छमाही में आपके काम में बाधाएं आ सकती हैं। कर्क राशि के जातक अपनी दृढ़ता और बुद्धिमत्ता से इन चुनौतियों से पार पाने में सक्षम होंगे।

आर्थिक दृष्टि से देखें तो आपके आय यानी ग्यारहवें भाव में गुरु व मंगलदेव की मौजूदगी से आपकी आय के साधन बढ़ेंगे। हालांकि आठवें घर में शनिदेव की उपस्थिति से आपके खर्चे भी बढ़ेंगे। शनि महाराज की कृपा से आप अनियोजित रूप से रुपए खर्च करने से बचेंगे लेकिन आपको लाभ मिलने में देरी हो सकती है। इस समय आप मकान या वाहन खरीद सकते हैं। सूर्य के प्रभाव से आपको जुलाई से ही फायदा होता दिख रहा है। धनलाभ के नजरिए से साल की अंतिम तिमाही आपके लिए विशेष रहने वाली है।

प्रेम जीवन के लिहाज से देखें तो रिश्ते में सहनशीलता और धैर्य की क्षमता कर्क राशि के जातकों की ताकत है। इससे दूसरे लोग आकर्षित होते हैं। हालांकि, इस समय आप रौब जमाने वाले व गुस्सैल हो सकते हैं। ऐसे में आपको अपने रिश्ते को बरकरार रखने के लिए बुद्धिमत्ता से फैसले लेने की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, अक्टूबर के बाद आपके रिश्ते में प्यार और सहकार बढ़ेगा और आप विवाह की संभावनाओं पर भी विचार कर सकते हैं।

स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो देवगुरु बृहस्पति का वृषभ राशि में गोचर आपको बीमारियों से राहत देने वाला होगा। इससे आपकी खुशी भी बढ़ेगी। हालांकि, शनि की वक्री स्थिति से आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ दिक्कतें आ सकती हैं लेकिन गुरु महाराज की कृपा से आप इनसे आसानी से उभर जाएंगे।  इस समय आपको वाहन चलाने में सावधानी बरतनी चाहिए और खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

उपाय- इस दौरान हर सोमवार को शिवजी की पूजा करें। 

 

 

अगर आप मेष राशि से कर्क राशि का राशिफल अरुण जी के अंदाज़ में वीडियो के रूप में देखना चाहते हैं तो ऊपर दी हुई लिंक पर click करें। 

इस लेख को अंग्रेजी भाषा में पढ़ने के लिए दिए गए  link पर click करें। 

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के दशम भाव में देवगुरु बृहस्पति, वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे और अक्टूबर में वक्री स्थित में आ जाएंगे। वहीं, शनिदेव वक्री होकर आपके सप्तम भाव में कुंभ राशि में और राहु व केतु क्रमशः आठवें एवं दूसरे भाव में विराजमान रहेंगे। 

करियर के नजरिए से देखें तो शनिदेव की दृष्टि आपके दशवें यानी कर्म भाव पर पड़ेगी। वहीं, जून से नवंबर तक शनिदेव की वक्री चाल के चलते आपको नौकरी में दबाव महसूस हो सकता है। इस समय आपको कार्यक्षेत्र को लेकर तनाव हो सकता है। वहीं, आपके सहकर्मी भी इस समय आपकी मदद नहीं करेंगे। ऐसे में आपको जरूरत से ज्यादा काम करने से बचना चाहिए। 

आर्थिक लिहाज से देखें तो बुध का कन्या राशि में गोचर होने के बाद वह केतु के साथ आपके दूसरे यानी धन भाव में विराजमान होंगे। इसके चलते आपको वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आपके दशवें यानी कर्मभाव में गुरु महाराज विराजमान हैं जो अक्टूबर से वक्री चाल चलेंगे। इससे आपकी आय घट सकती है। इस असमय आप बचत करने में नाकामयाब रहेंगे। 

इस समय आपको सावधानी से निवेश करना चाहिए। आय में जल्दी इजाफा करने वाले निवेश करने से आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता। इस समय आपके व्यक्तिगत खर्चे भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में आपको विशेष तौर पर नवंबर तक वित्तीय योजना बनाने और उसके अनुसार ही चलने की सलाह दी जाती है। 

सिंह राशि के जातकों के लिए प्रेम के दृष्टिकोण से देखें तो इस समय आपको कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको इससे उभरने के लिए सतर्क होकर अपने प्रेमी से बातचीत करनी चाहिए। आपके पंचमेश देवगुरु बृहस्पति आपके दशम भाव में विराजमान हैं ऐसे में आप अपने रिश्ते में आ रही परेशानियों का सामना बुद्धिमत्ता से करने में कामयाब रहेंगे।

स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो इस समय आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष तौर पर ख्याल रखना चाहिए। इस समय कोई भी लापरवाही आपको बड़ी परेशानी में डाल सकती है। यह समय आपके लिए थकान और तनाव से भरा रहने वाला है। इस समय आपके व आपके जीवनसाथी के दवाओं के खर्चे बढ़ सकते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से आप जूझने में सफल रहेंगे। 

उपाय- इस समय स्वस्थ रहने व सफलता के लिए सूर्य देव के मंत्र ‘ॐ सूर्याय नमः’ का जप करें।

कन्या राशि

कर्मफल दाता शनिदेव इस समय कन्या राशि के जातकों के छठे भाव में कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। इस समय शनिदेव वक्री स्थिति में रहेंगे। वहीं, राहु ग्रह मीन और केतु ग्रह कन्या राशि में ही विराजमान होकर क्रमश: आपके सातवें व लग्न भाव में मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही नौंवे भाव में वृषभ राशि में विराजमान गुरु महाराज अक्टूबर में वक्री हो जाएंगे।

करियर के लिहाज से देखें तो अगस्त में मंगलदेव का गोचर आपके 10वें भाव में मिथुन राशि में होगा। इससे आपका मनोबल व आत्मविश्वास बढ़ा-चढ़ा रहेगा।  यह करियर में उन्नति के लिए अनुकूल समय रहेगा। इस समय आपको नौकरी बदलने के मौके मिलेंगे। 

कन्या राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति की बात करें तो अगस्त में शुक्र महाराज का गोचर आपके दूसरे यानी धन भाव में होने से आपके आर्थिक हालात सुधरेंगे। इस समय आपके खर्चे घटेंगे और आय में इजाफा होगा जिससे आप कुछ बचत व निवेश कर पाएंगे। 

इस समय आप रियल एस्टेट यानी जमीन या मकान जैसी संपत्ति में निवेश करना चाहेंगे लेकिन आपको इस निवेश से पहले सभी कानूनी पहलुओं को देखने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ऐसा नहीं करने पर आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस समय आपको लोन संबंधी लेन-देन में भी सावधानी बरतनी चाहिए।

रिलेशनशिप के लिहाज से देखें तो यह समय आपके लिए संवेदनशील हो सकता है। हालांकि, आपके आय यानी ग्यारहवें भाव में शुक्र महाराज विराजमान हैं और उनकी पूर्ण दृष्टि पांचवे यानी प्रेम भाव पर पड़ रही है। इससे आपका रिलेशनशिप बेहतर होगा और आप संतुष्ट होंगे।

कन्या राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन के नजरिए से देखें तो राहु आपके सातवें घर और केतु लग्न भाव में मौजूद हैं। ऐसे में आपके शादीशुदा जीवन में लड़ाई-झगड़े हो सकते हैं और अशांति रह सकती है। हालांकि, अगर आप अपने प्रेम का खुलकर इजहार कर लेते हैं और समय रहते गलतफहमियां दूर कर लेते हैं तो हालात बिगड़ने से बच जाएंगे। 

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखें तो इस समय आप मानसिक व शारीरिक रूप से ज्यादा बेहतर महसूस करेंगे। इस छमाही में आपको अब तक चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगी। देवगुरु बृहस्पति और कर्मफलदाता शनि महाराज की कृपा से आप स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात पाएंगे। हालांकि, राहु व केतु की क्रमशः आपके सातवें व लग्न भाव में मौजूदगी आपको थोड़ा परेशान कर सकती है।

उपाय- विचारों की स्पष्टता और विश्लेषणात्मक कौशल के लिए आपको पन्ना रत्न धारण करना चाहिए। 

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के पंचम भाव में शनि महाराज कुंभ राशि में वक्री चाल के साथ विराजमान रहेंगे। वहीं, देवगुरु बृहस्पति आपके आठवें भाव में वृषभ राशि में उपस्थित रहेंगे और अक्टूबर में वक्री हो जाएंगे। इसके साथ ही राहु आपके छठे और केतु बारहवें भाव में मौजूद रहेंगे। 

करियर के दृष्टिकोण से देखें तो इस छमाही में आपको नई नौकरी मिलने के प्रबल योग हैं। इसके साथ ही आपको धनलाभ भी होता दिख रहा है। जुलाई में सूर्य देव का कर्क राशि में गोचर होने से वे आपके 10वें यानी कर्म भाव में विराजमान रहेंगे जिससे आपकी आय बढ़ेगी। इसके साथ ही आपको विदेशों से बड़े मौके मिलने की संभावना बन रही है।

ग्रहों की चाल इस समय आपको कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिलने की ओर भी इशारा कर रही है। इस समय दफ्तर में आपको प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना पड़ सकता है। हालांकि, छठे भाव में राहु ग्रह की मौजूदगी से आप चुनौतियों से निकलने में सफल रहेंगे। इस समय आपको अपने काम के चलते लंबी दूरी की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं और प्रमोशन भी मिल सकता है। 

आर्थिक नजरिए से देखें तो इस समय आपको शनि महाराज की कृपा से पूर्व में किए गए निवेशों से अच्छा फायदा मिलेगा। इस समय आपके खर्चे भी अचानक बढ़ने लगेंगे जिससे आपकी वित्तीय योजना बिगड़ जाएगी। इस समय रियल एस्टेस और संपत्ति में सोच-समझकर लंबे समय के लिए निवेश करने से आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। इस समय शेयर बाजार, लॉटरी या सोने में निवेश करने से आपको वित्तीय स्थिरता मिलेगी। हालांकि, अक्टूबर में गुरु महाराज के वक्री होने से कुछ विलंब हो सकता है।

प्रेम जीवन के लिहाज से देखें तो इस समय आपको अपने पार्टनर की ज्यादा महत्वाकांक्षाओं से दो चार होना पड़ सकता है। दरअसल, ऐसा अक्टूबर में मंगलदेव कर्क राशि में आपके दशवें भाव में गोचर करेंगे और उनकी आठवीं दृष्टि पंचम भाव में पड़ने के चलते होगा। इस समय आप अपनी भावनाओं को अपने पार्टनर के सामने बयां नहीं कर पाएंगे। 

इस समय आपको भावनात्मक अड़चनों से पार पाने के लिए संवाद करना होगा। इसके साथ ही विवाहित जातकों को इस समय अपने जीवनसाथी को अधिक समय देना चाहिए। इस समय आप पर काम के दबाव के चलते  आपका वैवाहिक जीवन नीरस हो जाएगा। इस छमाही में आपको कई चुनौतियों से जूझना पड़ सकता है। 

स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो इस छमाही में आप कमजोरी महसूस करेंगे। इस समय आपके स्वास्थ्य में उतार-चढाव बना रहेगा। अगर आप इस समय इन समस्याओं को नजर अंदाज करेंगे तो नवंबर तक शनिदेव की वक्री चाल के चलते आपको पछताना पड़ सकता है। इसके चलते आपको लीवर, डायबिटीज, मोटापे और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। इस समय आपको ह्रदय, मूत्र, हड्डियों और दांत से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान देना होगा। इस समय आपको अच्छा भोजन करना चाहिए और योग व व्यायाम का सहारा भी लेना चाहिए। 

उपाय- प्रेम और खुशी के लिए शुक्र महाराज के मंत्र ‘ॐ शुक्राय नमः’ का जप करना चाहिए।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के चौथे भाव में शनि महाराज कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे और नवंबर तक वक्री चाल चलेंगे। वहीं, देवगुरु बृहस्पति आपके सातवें भाव में वृषभ राशि में उपस्थित रहेंगे और अक्टूबर में वक्री होंगे। इसके साथ ही राहु आपके पांचवे और केतु आय भाव में मौजूद रहेंगे। 

करियर के दृष्टिकोण से देखें तो आपके चौथे भाव में शनि महाराज के विराजमान रहने से आपके जीवन में स्थिरता आएगी और सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। इस समय आपके मन में करियर की मजबूत नींव तैयार करने का विचार आ सकता है। आप करियर में आगे बढ़ने के लिए नए मौकों की तलाश कर सकते हैं। राहु ग्रह के कारण आपको इस समय अचानक से समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। 

आपके करियर में उतर-चढ़ाव आने की भी आशंका है। हालांकि, समस्याओं को सुलझाते हुए आप अधिक रचनात्मक हो जाएंगे। वहीं, नौकरी बदलने के लिए यह समय अच्छा नहीं है। बृहस्पतिदेव के आपके सातवें भाव में होने से आपकी व्यावसायिक साझेदारी अच्छी हो सकती है। 

आर्थिक नजरिए से देखें तो शनिदेव के आपके चौथे भाव में विराजमान होने से इस समय आपका ध्यान वित्तीय सुरक्षा व स्थिरता हासिल करने पर रहेगा। आप इस छमाही में लंबी अवधि की योजनाओं में निवेश करना पसंद करेंगे। पांचवे भाव में मीन राशि में राहु के विराजमान रहने से आपको वित्तीय उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है या आपके खर्चे भी बढ़ सकते हैं। 

इस समय आपको धन से जुड़े मामलों में बुद्धिमानी व सतर्क होकर फैसले लेने की जरूरत होगी। अगस्त में शुक्र महाराज का कन्या राशि में आपके आय यानी ग्यारहवें भाव में गोचर होगा। इससे नए कारोबार से आपकी आर्थिक स्थिति सुधरने की संभावना है। 

रिलेशनशिप की दृष्टि से देखें तो वृश्चिक राशि वालों को इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजरना पड़ सकता है। वक्री शनिदेव के आपके चौथे भाव में कुंभ राशि में विराजमान रहने से आप रिश्ते में स्थिरता और सुरक्षा ढूंढेंगे और वफादार रहेंगे। लेकिन आपके पंचम यानी प्रेम भाव में राहु ग्रह की स्थिति रोमांटिक रिश्ते में कुछ दिक्कत या गलतफहमी पैदा कर सकती है। 

इस समय आपको समस्याओं को सुलझाने के लिए अपने पार्टनर से खुलकर बातचीत करनी चाहिए। वहीं, अक्टूबर में आपके सातवें भाव में वृषभ राशि में उपस्थित बृहस्पतिदेव वक्री होंगे। इससे आपका अपने जीवनसाथी से रिश्ता गहरा होगा। अविवाहित जातकों के लिए इस समय विवाह के प्रस्ताव भी आ सकते हैं। इस समय सावधानी और विवेक से आगे बढ़ना चाहिए।

वृश्चिक राशि वालों को 2024 की दूसरी छमाही में अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दे सकते हैं। शनिदेव के आपके चौथे भाव में विराजमान होने से आप इस समय अपने तनाव को कम करने व तंदरुस्त बने रहने के लिए खुद का ख्याल रखेंगे।

आप अपने काम में संतुलन बैठाने में कामयाब रहेंगे। लेकिन राहु के आपके पंचम भाव में होने से आपका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है और आप तनाव से जूझ सकते हैं। इस समय आपको अपने दोस्तों, परिजन व डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। इसके अलावा, 7वें भाव में बृहस्पति महाराज की उपस्थिति से आपके अपने जीवनसाथी की मदद से ठीक होने की उम्मीद है।

उपाय- हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी के मंदिर में दर्शन-पूजन करें।

 

 

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धनु राशि

धनु राशि के जातकों के 2024 के आखिरी छह महीने के राशिफल की बात करें तो आपके तीसरे भाव में शनि महाराज कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे और नवंबर तक वक्री चाल चलेंगे। वहीं, देवगुरु बृहस्पति आपके छठे भाव में वृषभ राशि में उपस्थित रहेंगे और अक्टूबर में वक्री होंगे। इसके साथ ही राहु आपके चौथे और केतु कर्म यानी दशम भाव में मौजूद रहेंगे। 

करियर के लिहाज से देखें तो शुरुआत में आपके छठे भाव में मंगल और बृहस्पतिदेव की युति के चलते आप काफी व्यस्त रहेंगे। इस समय आपकी जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं। करियर के लिहाज से देखें तो शुरुआत में आपके छठे भाव में मंगल और बृहस्पतिदेव की युति के चलते आप काफी व्यस्त रहेंगे। 

इस समय आपकी जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं। इसके फलस्वरूप आपको तनाव हो सकता है। हालांकि, कर्मफलदाता शनिदेव के प्रभाव से आपको अपनी कोशिशों के सकारात्मक परिणाम भी मिलेंगे। इस समय विदेश में रहने वाले जातकों का कारोबार सफल होता दिख रहा है। हालांकि, उन्हें स्वदेश भी लौटना पड़ सकता है। 

आर्थिक जीवन की दृष्टि से देखें तो इस छमाही की शुरुआत में कुछ अड़चने आ सकती हैं। इस समय आपको संपत्ति या मकान में निवेश करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इस अवधि में आपके खर्चे अनियंत्रित हो सकते हैं व आपको यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। 

इसके बावजूद लंबी अवधि के लिए रियल एस्टेट में निवेश करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आपको खासकर जुलाई से अक्टूबर के बीच जोखिम भरे आर्थिक फैसले लेने से बचना चाहिए। इस समय आप कोई भी लोन लेने से बचें क्योकि उसे चुकाने में मुश्किलें आ सकती हैं। 

इस समय रिलेशनशिप की बात करें तो शुक्र व मंगल देव की स्थित के चलते आपका प्रेमी आपसे बिना सिर-पैर की उम्मीदें रख सकता है। इसके साथ ही आपको रिश्ते में घुटन भी महसूस हो सकती है। इस अवधि में आपको गलतफहमियां दूर करने और रिश्ते में पैदा हुई खाई पाटने के लिए बातचीत करनी चाहिए। 

विवाहित जातकों की बात करें तो काम की व्यस्तताओं के चलते आप अपने जीवनसाथी को समय नहीं दे पाएंगे। आप साथ समय बिताने में असमर्थ होंगे।  इसके कारण आपके रिश्ते में गलतफहमियां पनप सकती हैं। 

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखें तो केतु की आपके स्वास्थ्य यानी छठे भाव में दृष्टि पड़ने से और गुरु महाराज की वक्री चाल के कारण आपकी सेहत में दिक्कतें आ सकती हैं। इस समय आप अनिद्रा का शिकार हो सकते हैं और आपका बीपी भी अनियमित रह सकता है। 

इस समय आपको अपनी देखभाल करनी चाहिए और हल्के व्यायाम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। चौथे भाव में राहु के रहने से आपको इंफेक्शन होने की भी आशंका है जो गुरुमहाराज के छठे भाव में होने के चलते बढ़ भी सकता है।  

उपाय- इस समय आप ज्ञान और आध्यात्मिक विकास के लिए बृहस्पति महाराज के मंत्र “ॐ गुरवे नमः” का जप करें।

मकर राशि

इस समय कर्मफल दाता शनिदेव मकर राशि के जातकों के दूसरे भाव में विराजमान रहेंगे। वहीं, राहु आपके तीसरे और केतु आपके नौंवे भाव में मौजूद रहेंगे। देवगुरु बृहस्पति आपके पंचम भाव में उपस्थित रहेंगे। शनिदेव नंवबर तक वक्री रहेंगे जबकि गुरु महाराज अक्टूबर से वक्री चाल चलेंगे।

वक्री शनि महाराज का कुंभ राशि से दूसरे घर में गोचर करना आपके लिए करियर और वित्तीय मामलों पर ध्यान देने पर जोर देता है। इस समय आपको कड़ी मेहनत और लगातार कोशिशें करनी होंगी। इससे वित्तीय स्थिरता आने के साथ ही धीरे-धीरे प्रगति हो सकती है। हालांकि, इस समय आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए आपको अनुशासन और अपने विवेक से वित्तीय प्रबंधन करना होगा।

राहु के आपके तीसरे भाव में मीन राशि में होने से इस समय आप बौद्धिक रूप से व संचार के लिहाज से सक्रिय रहेंगे। इससे आपको करियर में उन्नति, नेटवर्किंग या कौशल विकास के मौके मिल सकते हैं। यह अपने पेशे के लोगों से नेटवर्क बनाने और आत्मविश्वास से लवरेज होकर नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छा समय है।

नौवें भाव में कन्या राशि में केतु और बुध गृह की युति आत्म अवलोकन और आध्यात्मिक विकास की ओर ध्यान देने का इशारा कर रही है। इस समय आपका विश्वास डगमगा सकता है और लंबी दूरी की यात्रा से आपके सामने कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। यह समय उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छा रखने वाले जातकों के लिए भी मौके लेकर आएगा।

वहीं, आपके पांचवें भाव में वृषभ राशि में वक्री बृहस्पति के होने से आपके लिए रचनात्मकता, अभिव्यक्ति समेत कई रास्तें खुलेंगे। इस समय आपको  व्यक्तिगत विकास, उद्यमिता या रचनात्मक परियोजनाओं से जुड़े कई मौके मिल सकते हैं। आपके लिए इस समय और ऊर्जा को व्यावहारिकता व ज़िम्मेदारी के साथ संतुलित करना जरुरी होगा। 

आर्थिक मामलों के नजरिए से देखें तो दूसरे भाव में शनिदेव के विराजमान होने से आपके जीवन में वित्तीय स्थिरता आएगी और आप विवेकपूर्ण निवेश करेंगे। इस समय आप भविष्य के मद्देनजर बजट व योजना बनाकर काम करेंगे। जुलाई में आपके पांचवें भाव में बृहस्पति और मंगलदेव रहेंगे जिससे आपको सट्टे समेत अन्य योजनाओं से धन लाभ होगा।

इस समय आपके रिलेशनशिप में बड़े बदलाव आ सकते हैं। हालांकि, शनि देव की वक्री चाल से आपके रिश्ते और कमिटमेंट में स्थिरता आएगी। अगस्त में आपके आठवें भाव में शुक्र का गोचर होने से यह समय आपके लिए धैर्य और समझ की परीक्षा लेने वाला होगा। आपको इस समय सम्मान और विश्वास पर आधारित एक सार्थक रिश्ते की नींव बनानी होगी।

स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय संतुलन बैठाने का है। शनि महाराज की वक्री स्थिति के चलते आपको इस समय स्वस्थ रहने के लिए अनुशासित दिनचर्या अपनानी होगी। आपके पांचवे भाव में देवगुरु बृहस्पति व मंगलदेव की युति होने से आपका फोकस फिजिकल एक्टिविटीज पर होगा। इस समय आपको अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। इससे आप किसी भी चुनौती का सामना आसानी से कर सकेंगे। 

उपाय- इस अवधि में आप स्थिरता और सफलता के लिए हर शनिवार को शनिदेव की पूजा करें। 

कुंभ राशि

कुम्भ राशि के जातकों के लग्न भाव में शनि महाराज स्वराशि कुंभ में विराजमान रहेंगे और नवंबर तक वक्री चाल चलेंगे। वहीं, देवगुरु बृहस्पति आपके चौथे भाव में वृषभ राशि में उपस्थित रहेंगे और अक्टूबर में वक्री होंगे। इसके साथ ही राहु आपके दूसरे और केतु आठवें घर में मौजूद रहेंगे।

करियर के लिहाज से देखें तो शनिदेव का आपके लग्न भाव में वक्री होकर विराजमान होना आपको अनुशासित बनाएगा। आप अपने पेशेवर जीवन में व्यवस्थित होंगे और खुद के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करेंगे। इस समय आप भविष्य की सफलता के लिए ठोस नींव तैयार करने की दिशा में काम करेंगे। हालांकि, इस समय आपको ज्यादा मेहनत कर खुद को थकाने से बचना चाहिए। आपको खुद को संतुलित और स्वस्थ रखने के लिए खुद का ख्याल रखना चाहिए।

इस समय शनि महाराज के वक्री होने के चलते आपको करियर में प्रगति, व्यक्तिगत पहचान बनाने और खुद को अभिव्यक्त करने की ओर ध्यान देना चाहिए। इस समय आपको अपने लक्ष्यों, महत्वाकांक्षाओं और योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। इस समय आपको अपने काम की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 

आपके दूसरे भाव में मीन राशि में राहु की मौजूदगी आपके आत्मसम्मान और धन में बढ़ोतरी करा सकती है। इस बावजूद इस समय आपको आर्थिक दृष्टि से उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ेगा। सितंबर में कन्या राशि में आठवें घर में केतु और बुध की युति आपके लिए आर्थिक हालत में सतर्क रहने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है। इस समय आपको भविष्य के लिहाज से फिजूल खर्ची करने से बचना चाहिए।

केतु का आपके आठवें भाव में गोचर होना ध्यान और विशेषकर निवेश, भावनात्मक संबंधों और संसाधनों में बदलाव की ओर इशारा करता है। इस समय आपके आर्थिक, पुस्तैनी और मानसिक उपचार से जुड़े मामलों में बदलाव शुरू हो सकते हैं। यह आपके लिए पुराने ढर्रे को छोड़कर विकास और इनोवेशन के नए मौकों को अपनाने का समय है।  

बृहस्पति देव की अक्टूबर में वक्री अवस्था आपके चौथे भाव में उपस्थिति आपके लिए भावनात्मक और पारिवारिक लिहाज से बहुत सकारात्मक रहने वाली है। इस अवधि में आप या आपके परिजन नई संपत्ति खरीद सकते हैं। यह समय अपने प्रियजन के साथ रिश्तों को मजबूती देने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहेगा।

आर्थिक नजरिए से देखें तो राहु के दूसरे भाव में और जुलाई में बृहस्पति व मंगलदेव के चौथे भाव में विराजमान रहने से आप विवेक से निवेश करेंगे। आप बजट बनाकर अपने जीवन में आर्थिक रूप से स्थिरता लाने में सफल रहेंगे। हालांकि, इस समय आपके पास नकदी की कमी हो सकती है। इसके बावजूद आप लंबी अवधि की योजनाओं में निवेश करने में सफल होंगे। 

रिलेशनशिप के लिहाज से देखें तो आपके आठवें भाव में केतु और बुध ग्रह की युति होने से आपके रिश्तों में बदलाव आ सकता है और वे पहले से ज्यादा गहरे हो सकते हैं। यह भावनात्मक संबंधों में गहराई से उतरने और बुरी यादों को भुलाकर रिश्ते में निकटता और विश्वास पैदा करने का समय है। 

स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो सितारे आपके  लिए स्वास्थ्य की देखभाल करने और उसके प्रति सचेत रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। लग्न में शनिदेव के विराजमान रहने से आपको स्वस्थ रहने के लिए आपको अनुशासन बनाए रखना होगा। इस समय रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए आपको अपने शरीर व स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। 

उपाय-इस समय आपको धैर्य और दृढ़ता के लिए शनिदेव के मंत्र “ॐ शं शनिचराय नमः” का जाप करना चाहिए।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के व्यय भाव में शनि महाराज कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे और नवंबर तक वक्री चाल चलेंगे। वहीं, देवगुरु बृहस्पति आपके तीसरे भाव में वृषभ राशि में उपस्थित रहेंगे और अक्टूबर में वक्री होंगे। इसके साथ ही राहु आपके लग्न और केतु सातवें घर में मौजूद रहेंगे।

शनि के वक्री रहने की अवधि में आप आध्यात्मिक विकास और पहले से चली आ रही किसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए एकांत की तलाश में रहेंगे। इस समय आप खुद के साथ समय बिताना पसंद करेंगे। यह समय आपके लिए आंतरिक खोज वाला रहेगा जिससे भविष्य में करियर को लेकर आपकी सोच स्पष्ट होगी। वहीं, दूसरी ओर लग्न भाव में राहु की उपस्थिति से आपका व्यक्तिगत विकास होगा और आप पहले से अधिक मुखर होंगे। 

इससे आप करियर में खुद को स्थापित करने में सफल रहेंगे। इस समय आपकी नेतृत्व की क्षमता विकसित होगी और आपका आत्मविश्वास व दृढ़ संकल्पशक्ति बढ़ेंगे। इस समय आपको कोई भी काम लंबी अवधि के लिहाज से काम करना होगा। 

आपके सातवें भाव में बुध और केतु का गोचर रिश्तों के पुनर्मूल्यांकन और परिवर्तन की संभावना को दिखा रहा है। इस समय आपका कोई रिलेशनशिप खत्म हो सकता है या आप सच्चे रिश्ते की तलाश कर सकते हैं। इस अवधि में आपको उन रिश्तों को बढ़ावा देना चाहिए जो आपसी सम्मान, विश्वास और भावनात्मक संतुष्टि की बुनियाद पर टिके हों। 

अक्टूबर में आपके तीसरे भाव में बृहस्पति का वृषभ राशि पर वक्री होना संचार, सीखने और मानसिक गतिविधियों पर फोकस करने की ओर इशारा करता है। इस समय आपको अपनी शिक्षा, यात्रा या समाज से अपने ज्ञान, कौशल और नेटवर्क का विस्तार करने का मौका मिल सकता है। यह समय नई रुचियों, रचनात्मक कार्यों और भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए भी शुभ रहेगा। 

आर्थिक लिहाज से देखें तो आपके व्यय भाव में नवंबर तक शनि के वक्री चाल में होने और लग्न में राहु के होने से आपको वित्तीय मामलों में आशावादी होने की जरूरत है। आपको इस समय अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए और अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए। भविष्य में सुरक्षा और समृद्धि के लिए आपको वित्तीय स्थिरता व लंबे समय के लिए प्राथमिकता से योजना बनानी चाहिए। 

शनिदेव के आपके व्यय भाव में वक्री होने से आपको शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए तनाव प्रबंधन की तकनीकों को अपनाना चाहिए। इसके साथ-साथ आपको भरपूर आराम करना चाहिए। इस समय आपको अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर समय रहते ध्यान देना चाहिए।

उपाय- इस छमाही में आपको मार्गदर्शन व सुरक्षा के लिए हर गुरुवार को विष्णु भगवान की पूजा करनी चाहिए।

 

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कालाष्टमी के अवसर पर नेगेटिव एनर्जी को दूर करने के अचूक उपाय

आज हम बात कर रहे है कालाष्टमी के बारे में , ये व्रत हर महीने की कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है, जिसमें भगवान शिव के काल भैरव स्वरुप की पूजा की जाती है। इस बार 27 जुलाई को यह व्रत रखा जायेगा। इस बार की कालाष्टमी इसलिए भी विशेष हो जाती है क्योंकि ये श्रावण मास की मासिक कालाष्टमी है। 

 उपाय 

  • काल भैरव अष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करने से राहु व केतु के दोष से मुक्ति मिलती है। 
  • इस दिन की हुई भैरवनाथ की पूजा से घर में मौजूद नेगेटिव एनर्जी दूर होती है। 
  • अगर कोई परेशानी बहुत समय से है तो, आप इस दिन रोटी लेें और उस पर सरसों का तेल लगाकर काले कुत्ते को खाने के लिए देें।  
  • पारिवारिक समस्या सुलझाने के लिए शिव चालीसा का पाठ करेें। 
  • सभी तरह के सुख पाने के लिए इस दिन काल भैरव के सामने सरसों के तेल से भरा दिया जलाये, और इस मंत्र का जाप करें “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ”।   
  • बुरी नज़र से बचने के लिए इस दिन काला धागा भैरव नाथ के चरणों में अर्पित करने के बाद उसे अपने सीधे पैर में बाँध लें।  

            सावन मास से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियों के लिए click करें। 

 

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जन्म तिथि से जानिए अपने इष्ट देव | Know Your Ishta Dev As per Birth Date

इष्ट देव अर्थात अपने अराध्य को याद करने से ही हमारे कई बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं। दोस्तों, ईश्वर की कृपा मनुष्य जीवन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हीं की कृपा से हमें जीवन में सुख-शांति मिलती है। उनका आशीर्वाद ही हमें जीवन में समृद्धिवान बनाता है और हमें अपने तमाम दुखों का सामना करने की शक्ति देता है। 

ऐसे में अक्सर लोग ये प्रश्न लेकर आते हैं, ये सवाल करते हैं कि हमारे इष्ट देवी या देवता कौन हैं और हमें आखिर किन भगवान की पूजा करनी चाहिए?

इसलिए आज हम बात करेंगे कि आखिर आपकी जन्म तारीख से आप कैसे आसानी से जान सकते हैं कि आपके इष्ट देवी-देवता कौन है। 

मूलांक 1 

इष्ट देव मूलांक 1 के लिए : अगर आप का मुख्य अंक 1 है यानी आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 य 28 तारीख को हुआ हैं तो, आपको ये मान लेना चाहिए कि आपके ईष्ट देवता राम जी हैं। अगर आप किसी दूसरे धर्म से हैं या किसी भी कारण से राम जी की पूजा नहीं कर सकते तो, आपके लिए दूसरा विकल्प है सूर्य देव। सूर्य देव का प्रकाश किसी से नहीं अछूता है। इसलिए आप सूर्य देव को भी अपने ईष्ट देव के रूप में चुन सकते हैं। ये देखा गया है कि नंबर 1 वाले लोगों को गुस्सा एक दम आता हैं और उस समय में ये क्या कर जाए या क्या कह जाए इन्हें भी पता नहीं चलता हैं। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि 1 अंक के जातक हैं तो आपको सूर्य नारायण की पूजा आराधना करनी चाहिए , इससे  जीवन में बहुत से कार्य सिद्ध होने लगेंगे। 

उपाय:

  • सुबह सबसे पहले सूर्योदय से लगभग 1 घंटे की समयावधि के अंदर सूर्य देव को जल दे और उन्हें अपने ईष्ट देवता के रूप में मानते हुए उन्हें प्रणाम करें।
  • रोज़ घर से निकलते समय या ज़रूरी काम पर जाते समय अपने पिता और पिता तुल्य किसी व्यक्ति के चरण स्पर्श करें।   
  • रविवार का दिन सूर्य देव का दिन बोला गया है, ऐसे में हर रविवार एक छोटा टुकड़ा गुड़ का ज़रूर खाएं।

मूलांक 2 

इष्ट देव मूलांक 2 के लिए : अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है तो, अंक ज्योतिष के हिसाब से आपका मूलांक हुआ 2. अंक ज्योतिष में मूलांक 2 के स्वामी है, चंद्रमा। ऐसे में जैसे-जैसे अमावस्या से पूर्णिमा तक चंद्रमा की अवस्थाएं बदलती हैं, उसी तरह से ही नंबर 2 वाले लोगों की मन की अवस्थाएं भी बदलती रहती हैं। जैसे चंद्रमा सूर्य से रोशनी लेता हैं वैसे ही यह लोग भी दूसरों की सहायता के साथ ही काम करते दिखाई देते हैं। ज्योतिष की मानें तो, अंक 2 के लोगों को भगवान शिव या मां गौरी को अपना ईष्ट देव मानना चाहिए। या फिर आप इनके अलावा चन्द्रमा को भी अपने ईष्ट देव के रूप में पूजते हुए उनकी उपासना कर सकते हैं।  

उपाय: 

  • पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को जल चढ़ाना चाहिए और शिव जी से संबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए।
  • आपको अपनी मां या मां सम्मान महिलाओं का कभी भी अनादर नहीं करना चाहिए। हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए।
  • पानी बर्बाद करने से बचे और दूध बर्बाद करने से आपको खासतौर से बचना चाहिए।

मूलांक 3

इष्ट देव मूलांक 3 के लिए : अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ हैं तो आपका मूलांक हुआ 3, जिनके स्वामी गुरु बृहस्पति माने गए हैं। जिस प्रकार एक गुरु का वास्तविक कार्य, दूसरों को सही मार्ग दर्शन देना होता है, ठीक उसी प्रकार अंक 3 वाले लोग भी दूसरों का भला करने के लिए तत्पर रहते हैं और उनको सही रास्ता दिखाते हैं। नंबर 3 वाले जातकों को भगवान विष्णु को अपना ईष्ट मानते हुए उनकी आराधना करनी चाहिए। अगर आप किसी कारणवश उनकी पूजा-अर्चना नहीं कर सकते तो, आप जिन्हें भी अपना गुरु मानते हो चाहे फिर वो भगवान शिव हो या श्री राम या श्री कृष्ण। आपको उन्हें अपना ईष्ट देव मानते हुए उनका पूजन करना चाहिए। 

उपाय:

  • अपने गुरुओं और बड़े भाई का हमेशा सम्मान करें, कभी भी उनका अनादर नहीं करें।
  • जब भी किसी अच्छे या महत्वपूर्ण कार्य पर जाएं अपने माथे पर हल्दी का तिलक ज़रूर लगाएं।
  • संभव हो तो रोज़ाना, नहीं तो गुरूवार-गुरूवार नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाकर फिर उस पानी से ही नहाएं।

मूलांक 4

इष्ट देव मूलांक 4 के लिए : अब बात करते हैं अंक 4 वाले जातकों की। तो जिन भी लोगों का जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31  तारीख को हुआ हैं, तो अंक ज्योतिष के अनुसार उनका मूलांक 4 होता है, जिनके स्वामी छायाग्रह राहु को माना गया है। ऐसे में जिस भी जातक का अंक 4 है,  इनके ईष्ट देव मां दुर्गा या मां सरस्वती को माना गया है। जिस प्रकार शास्त्रों में राहु को स्वरभानु नाम के दानव का केवल सिर माना गया है और इसी की तरह ही नंबर 4 वाले लोगों के दिमाग में भी हमेशा कुछ न कुछ चलता रहता है। इनके दिमाग में आने वाले अलग-अलग प्रकार के विचार कभी नहीं रुकते उनका आदान-प्रदान हमेशा चलता रहता है। 

उपाय: 

  • मूलांक 4 वाले लोगों को मां दुर्गा या मां सरस्वती की आराधना करनी चाहिए।
  • ऐसे लोगों को किसी भी काम को पूरा करने के लिए, शुरुआत से ही एक नहीं बल्कि 2 प्लान लेकर चलना चाहिए।
  • आपको शारीरिक कर्म से अधिक मानसिक कर्म की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए।
  • ज़रूरी या महत्वपूर्ण कार्य पर जाते समय चंदन का तिलक ज़रूर करें।

मूलांक 5

इष्ट देव मूलांक 5 के लिए : अंक ज्योतिष के हिसाब से जिन भी लोगों का जन्म महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ हैं, उनका मूलांक 5 बनता है। 5 अंक के स्वामी बुध ग्रह होते हैं, जो बुद्धि के कारक ग्रह हैं। ऐसे में नंबर 5 वाले लोग किसी भी बात को बहुत बारीकी से देखते-समझते हैं। माना गया है कि अगर ये लोग अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल करें तो ये एक बड़े व्यापारी भी बन सकते हैं, जबकि अगर ये अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं तो ये आसानी से भटक भी जाते हैं।अंक ज्योतिष में अंक 5 वाले लोगों के लिए भगवान श्री कृष्ण या बुध देव उनके ईष्ट देवता बताए गए हैं। ऐसे में इन लोगों को श्री कृष्ण या फिर बुध देव को ही अपने ईष्ट देव के रूप में मानते हुए उनकी आराधना करनी चाहिए। 

उपाय:

  • अपनी बहन, बुआ और बेटी के साथ हमेशा अपने संबंध मधुर रखें।
  • घर पर मोर पंख रखें।
  • संभव हो तो ज़रूरतमंदों व गरीबों में शिक्षा की सामग्री दान करें।

मूलांक 6

इष्ट देव मूलांक 6 के लिए : जिन व्यक्तिओं का जन्म किसी भी माह की 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो उनका मूलांक 6 होगा। जिनके स्वामी शुक्र ग्रह माने गए हैं। ये देखा गया है कि जिन भी लोगों का अंक 6 होता है, वे लोग बहुत संवेदनशील स्वभाव वाले होते हैं, इसके पीछे का कारण ये भी है कि ज्योतिष में शुक्र ग्रह को स्त्री ऊर्जा का ग्रह माना हैं। इसलिए इन लोगों के इंट्यूशन कमाल के होते हैं। किसी भी चीज़ को लेकर इनका चुनाव सबसे बेहतरीन चीजों की ओर रहता हैं। इसलिए अंक ज्योतिष के हिसाब से यदि आपका या आपके किसी जानने वाले का जन्म किसी भी माह की 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है तो इनके भी ईष्ट देव श्री कृष्ण को माना गया है। साथ ही भगवान श्री विष्णु और वामन देव को भी ये लोग अपना इष्ट देव मान सकते हैं। 

उपाय:

  • आपको शुक्रवार के दिन सफ़ेद मिठाई बाटें।
  • छोटी कन्याओं की किसी न किसी रुप में सेवा करनी चाहिए। संभव हो तो हर शुक्रवार, नहीं तो कम से कम महीने में एक बार 12 वर्ष से छोटी आयु की कन्याओं को भरपेट भोजन कराएं।

मूलांक 7

इष्ट देव मूलांक 7 के लिए : अब बारी आई है 7 नंबर की। ऐसे में जिन भी लोगों का जन्म किसी भी माह की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है तो उनका मूलांक 7 होगा। जिनके स्वामी ग्रह केतु होते हैं। जिस प्रकार राहु को असुर का सिर बोला गया, ठीक उसी प्रकार केतु को बिना सिर के शरीर का निचला भाग यानी ‘धड़” बताया गया है। ये देखा गया है कि नंबर 7 वाले लोग अक्सर भ्रम की स्थिति में ही रहते हैं और अपने लक्ष्य से भ्रमित होते हुए अपनी दिशा भूल सकते हैं।हालांकि ये लोग बहुत अच्छे मित्र होते हैं, क्योंकि ये मित्रता बिना किसी स्वार्थ के निभाते हैं। या जिस भी कार्य को एक बार करने की ठान लेते हैं तो उसे फिर ज्यादा दिमाग न लगाते हुए बिना सोचे-समझे दिन रात एक कर देते हैं।अंक ज्योतिष के अनुसार अंक 7 वाले जातकों के लिए उनके ईष्ट देव गणेश जी या नर सिंह देव होते हैं। 

उपाय:

  • नंबर 7 वाले जातकों को साधु-संतो की सेवा करनी चाहिए।
  • पक्षियों के लिए 7 अलग-अलग प्रकार के अन्न का दाना रखें।
  •  संभव हो तो घर पर पालतू कुत्ता रखें या अगर ये मुमकिन नहीं हैं तो आप गली के कुत्ते को खाना भी खिला सकते हैं।

मूलांक 8

इष्ट देव मूलांक 8 के लिए: जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है तो, उनका मूलांक 8 होगा। जिनके स्वामी ग्रह कर्मफल दाता शनि होते हैं। माना गया है कि ये लोग यूँ तो बहुत मेहनती होते हैं, लेकिन इन्हें अपनी मेहनत का सही फल नहीं मिल पाता हैं, जिससे अकसर इन्हे अपनी मेहनत का फल कुछ देरी से ही मिलता है। इनके इष्ट देवता होते हैं शनि देव, या फिर आप ब्रह्मा जी को भी अपना इष्ट  देव मान सकते हैं। 

उपाय:

  • नंबर 8 वाले लोगों को अपने आसपास जितने भी कर्मचारी हो, जैसे आपके घर काम करने वाले नौकर या कार्यक्षेत्र पर आपकी सेवा में काम आने वाले लोग, उनको आपको कभी भी निराश नहीं करना चाहिए।
  • छाया दान करें। इसके लिए एक पात्र में थोड़ा सा सरसों का तेल डालें और उसमे अपनी प्रतिमा देखें और फिर उस तेल को किसी ज़रूरतमंद को या गरीब को दान कर दें।
  • अपने नौकरों या मजदूर वर्ग में गर्म कपड़े दान करें।

मूलांक 9

इष्ट देव मूलांक 9 के लिए : अब बात करते हैं अंक ज्योतिष के अंतिम अंक की यानी नंबर 9 की। अगर आपका जन्म महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ हैं तो, आपका मूलांक हुआ 9, जिनके स्वामी शक्ति यानी ऊर्जा के कारक ग्रह मंगल होते हैं। नंबर 9 वाले लोग बहुत ऊर्जावान होते हैं और हमेशा सक्रिय भूमिका में रहते हैं। इन्हें हमेशा कुछ न कुछ कार्य करते रहना चाहिए, नहीं तो इनकी ऊर्जा ठीक से उपयोग में नहीं आ पाती। अंक 9 वाले लोगों के लिए उनके इष्ट देव भगवान हनुमान जी या कार्तिकेय हो जाएंगे। कार्तिकेय को दक्षिण में मुरुगन भी कहते हैं । 

उपाय:

  • आपको अपने छोटे भाई-बहनों  का सम्मान करना चाहिए, उनसे गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • ऊर्जा को सही दिशा मिले, इसके लिए हर मंगलवार बजरंग बाण का पाठ करें।
  • महीने में एक बार रक्त दान ज़रूर करें। 

 

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा।  अपने इष्ट देव के बारे में और अधिक जानकारी के लिए हमारे चैनल Astro Arun Pandit पर विजिट कर सकते हैं। इस वीडियो का लिंक ऊपर दिया गया है-

 

संकटों से घिरे हों तो करेें गजानन संकष्टी का व्रत

आज के लेख में हम बात करेंगे एक ऐसे व्रत की जिसे करने से आपके जीवन में आ रही हर बाधा से आपको मुक्ति मिल सकती है। ये है गजानन संकष्टी का व्रत , हम सब जानते है कि सर्वप्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा से हर विघ्न दूर होते हैं , इस बार ये संकष्टी का व्रत श्रावण मास के बुधवार यानि 24 जुलाई के दिन है जो कि बहुत विशेष दिन है , ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार दो शुभ योग पड़ रहे हैं , सौभाग्य और शोभन योग इस दौरान की हुई गणपति की साधना से मनोवांछित फल मिलते है। इससे जुड़े कुछ खास उपाय-

उपाय

  • इस दिन भगवान गणेश को 108 दूर्वा चढ़ाने चाहिए इससे आपकी सारी बाधा दूर होगी। 
  •  आप लड्डू या मोदक का भोग चढ़ा सकते है,  इससे भगवान गणेश प्रसन्न होंगे और आप पर कृपा करेंगे। 
  •  ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः मंत्र ज्यादा से ज्यादा बार जप करें, इससे आपके महत्वपूर्ण कार्यो में आ रही बाधाएं दूर होंगी। 
  • सिन्दूर अर्पित करें इससे आपका सौभाग्य बढ़ेगा। 
  • भगवान गणेश को केला अतिप्रिय है, इसलिए इस दिन उन्हें केले का भोग अवश्य लगाएं।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा। Astro Arun Pandit जी की टीम की ओर से आपको शुभकामनाएं।

इस बार सर्वार्थ सिद्धि व आयुष्मान योग से शुरू होगा श्रावण मास

क्या आपको पता है कि इस बार सावन का महीना कई मायनों में खास रहने वाला है। दरअसल, इस बार सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू हो रहा है और इसके पहले ही दिन सोमवार पड़ रहा है। इस बार सावन के महीने की शुरुआत दो अच्छे योगों- सर्वार्थ सिद्धि व आयुष्मान योग के साथ हो रही है। इसके साथ ही इस बार सावन में 5 सोमवार पड़ रहे हैं जिसे भी शुभ संकेत माना जाता है।

सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व

सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्त्व है। माना जाता है कि सावन में जो भी व्यक्ति भगवान भोलेनाथ की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करता है उसे मनचाहा वरदान मिलता है। इसके अलावा सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा स्ट्रांग होता है। इसके अलावा राहु-केतु के नेगेटिव इम्पैक्ट भी दूर होते हैं। इस समय दूध दान करने का विशेष महत्त्व बताया गया है। 

पूजा विधि 

सावन में भगवान शिव का दूध, दही, शक्कर, गाय के घी, शहद, पंचामृत और जल से अभिषेक करना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें बिल्व पत्र, आक का फूल, धतूरा, धतूरे का फूल, पान-सुपारी, सफेद चंदन, लाल चंदन, अक्षत, कपूर, इत्र और सफेद वस्त्र अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा शिव स्तुति, ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करना चाहिए। इस समय भगवान शिव को भोग लगाने के बाद कपूर की आरती करके ही भोजन करना चाहिए।

सावन सोमवार तिथि 

सावन का पहला सोमवार व्रत – 22 जुलाई, 2024

सावन का दूसरा सोमवार व्रत – 29 जुलाई, 2024

सावन का तीसरा सोमवार व्रत – 5 अगस्त, 2024

सावन का चौथा सोमवार व्रत – 12 अगस्त, 2024

सावन का पांचवां सोमवार व्रत – 19 अगस्त, 2024

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